डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय से हुआ एक और खुलासा , डेरा परिसर में बोन बैंक बनाने वाला था राम रहीम

नई दिल्ली : डेरा सच्चा सौदा के मुख्यालय से भले ही 3 दिन में गुरमीत राम रहीम के साम्राज्य से जुड़े ठोस सबूत न मिले लेकिन सर्च ऑपरेशन से कुछ ऐसे खुलासे सामने आए हैं जिससे सिस्टम हिल गया है। गुरमीत राम रहीम 10 करोड़ रुपये की लागत से अपने डेरे में हड्डियों का बैंक बनाने वाला था। डेरा परिसर में स्थित शाह सतनाम सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के पास ही यह बैंक बनने वाला था।

जानकारी के मुताबिक, इस साल जनवरी में ही इसका काम शुरू हो गया था। डेरे में बोन बैंक के लिए 3 करोड़ की लागत से कुछ मशीनें भी खरीद ली गई थीं। यहां गौर करने वाली बात है कि स्किन बैंक की तरह हड्डियों का यह बैंक भी अवैध है। इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से किसी भी तरह की मंजूरी डेरे को प्राप्त नहीं है। रविवार को सर्च ऑपरेशन के तीसरे दिन इस बैंक से जुड़े दस्तावेजों के जरिये यह खुलासा हुआ है।

आपकों बता दें कि शनिवार को जांच के दूसरे दिन प्रशासन को डेरे में मिला स्किन बैंक अवैध पाया गया है। यह बैंक 2 वर्ष पहले ही शुरू हुआ था जिसे नॉर्थ इंडिया का पहला ऐसा बैंक माना जाता है। अब तक देश में किसी भी सरकारी अस्पताल में यह सुविधा मौजूद नहीं है। एक जांच अधिकारी के अनुसार, डेरे में बाबा ने बगैर किसी रजिस्ट्रेशन या कागजी कार्रवाई के न सिर्फ इस बैंक को शुरू किया बल्कि डॉक्टरों की मदद से लोगों से स्किन दान में लेनी भी शुरू कर दी। दान में मिली स्किन से कितने लोगों को फायदा पहुंचा, यह रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है।
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ठीक इसी तरह बाबा के अस्पताल में गर्भपात को रोकने के लिए भरवाए जाने वाले फॉर्म एमटीपी संबंधित दस्तावेज भी पूरे नहीं हैं। नियमों के मुताबिक, इन कागजों में लापरवाही बरतने वाले के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग सख्त कार्रवाई करता है तो उसका क्लिनिक या अस्पताल सील कर देता है। सूचना विभाग के डिप्टी डायरेक्टर सतीश मेहता ने बताया कि सर्च के दौरान अस्पताल में एमटीपी संबंधी दस्तावेजों में खामियां मिली थीं। वहीं, स्किन बैंक का रजिस्ट्रेशन भी नहीं मिला। बाबा बोन बैंक भी खोलने वाला था, यह जांच में पता चला लेकिन जांच में ऐसा कोई रजिस्ट्रेशन संबंधी डॉक्युमेंट नहीं देखने को मिला है।

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