नक्सल प्रभावित क्षेत्र में होने के बावजूद महत्वपूर्ण सीटों में आती है राजनांदगांव

नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव लोकसभा सीट पर दूसरे चरण में 18 अप्रैल को वोटिंग हो चुका है. यहां से कुल 42 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे, इन प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम मशीन में कैद हो गई है. इसके बाद 23 मई को मतगणना होगी और चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे.

मोती लाल वोरा का गढ़

वहीं छत्तीसगढ़ की राजनांदगांव लोकसभा सीट नक्सल प्रभावित क्षेत्र में होने के बावजूद प्रदेश की वीआईपी सीटों में गिनी जाती है. यह सीट बीजेपी की दिग्गज नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मोती लाल वोरा का गढ़ था. कई मायनों में इस सीट को महत्वपूर्ण सीटों में गिनी जाती है.

इस चुनाव में राजनांदगांव लोकसभा सीट पर कांग्रेस पार्टी ने भोला राम साहू, बहुजन समाज पार्टी ने रविता लकरा (ध्रुव), भारतीय जनता पार्टी ने संतोष पांडे, शिवसेना ने अजय पाली उर्फ बाबा, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया ने डॉ. गोजुपाल, रिपब्लिकन पक्ष (खोरिपा) ने प्रतिमा संतोष वासनिक, फॉर्वर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी ने महेंद्र कुमार साहू, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने विश्वनाथ सिंह पोर्ते और अंबेडकराइट पार्टी ऑफ इंडिया ने बैद्य शेखू राम वर्मा को चुनाव मैदान में उतारा है.

साल 2014 के लोकसभा चुनाव में यहां इस सीट से भारतीय जनता पार्टी के अभिषेक सिंह ने जीत दर्ज की थी. उनको इस चुनाव में 6 लाख 43 हजार 473 यानी 54.61 फीसदी वोट मिले थे. उनके करीबी प्रतिद्वंदी कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी कमलेश्वर वर्मा 4 लाख 7 हजार 562 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे हैं.

कांग्रेस प्रत्याशी को 34.59 फीसदी मिले थे वोट

पिछले चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को 34.59 फीसदी वोट मिले थे. साल 2009 के लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी ने यहां से जीत दर्ज की थी. पिछली बार यहां 72.02 फीसदी और साल 2009 के लोकसभा चुनाव में 58.87 फीसदी वोटिंग हुई थी.

इस निर्वाचन क्षेत्र में 13 बार चुनाव

इस सीट पर अब तक 16 बार लोकसभा चुनाव हो चुके हैं. इस निर्वाचन क्षेत्र में 1952 से लेकर 1999 तक 13 बार चुनाव हुए, जिनमें से ज्यादातर नतीजे कांग्रेस के ही पक्ष में ही रहे. साल 2000 में मध्य प्रदेश के विभाजन से बने छत्तीसगढ़ के अस्तित्व में आने के बाद इस सीट पर एक उपचुनाव और तीन चुनाव हुए.

राजनांदगांव संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभा की 8 सीटें आती हैं, जिनमें से एक सीट अनुसूचित जनजाति और एक सीट अनूसूचित जाति के लिए सुरक्षित हैं. राजनांदगांव संसदीय क्षेत्र में जो विधानसभा सीटें आती हैं, उनमें पंढरिया, कवर्धा, खैरागढ़, राजनांदगांव, डोंगरगांव, डोंगरगढ़ (एससी), खुज्जी और मोहला-मानपुर (एसटी) विधानसभा सीटें शामिल हैं.

राजनांदगांव लोकसभा सीट पर साल 2014 में कुल 15 लाख 88 हजार 95 मतदाता थे, जिनमें से कुल 11 लाख 78 हजार 296 वोटरों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. इस सीट पर पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान पुरुष वोटरों की संख्या 7 लाख 94 हजार 427 थी, जिनमें से 6 लाख एक हजार 874 ने वोट डाला था.

इसके अलावा महिला वोटरों की संख्या 7 लाख 93 हजार 668 थी, जिनमें से 5 लाख 76 हजार 422 महिला वोटरों ने चुनाव में हिस्सा लिया. राजनांदगांव लोकसभा सीट छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में आती है. राजनांदगांव शहर विद्वानों, बुद्धिमानों और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध लोगों के लिए जाना जाता है. यह शहर वैभव और विरासत को समेटे हुए है. इस सीट को वीआईपी सीट माना जाता है. यहां से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम मोतीलाल वोरा जैसे कई दिग्गज चुनाव जीत चुके हैं.

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