छत्तीसगढ़

जांच के बावजूद अब तक भ्रष्ट इंजीनियर पर कार्यवाही क्यों नही, क्या जिला प्रशासन निभा रही नैतिक संबंध

हिमांशु सिंह ठाकुर:- ब्यूरो रिपोर्ट कवर्धा।

कवर्धा:- ग्रामीण यांत्रिकीय सेवा उपसंभाग पंडरिया के भ्रष्ट इंजीनियर अमृत लाल उरेहा के कारनामो से कौन परिचित नही है यह भ्रष्टाचार के बेताज बादशाह के नाम से जाने जाते है जिन्हें पूरा शासन व प्रशासन का संरक्षण है। भ्रष्टाचार में लिप्त इंजीनियर पर आखिर प्रशासन इतना मेहरबानी क्यों कर रही यह समझ पाना मुश्किल है। बहरहाल पंडरिया ग्रामीण यांत्रिकीय सेवा उपसंभाग के सब इंजीनियर अमृत लाल उरेहा से कौन वाकिफ नही है।

फिलहाल अभी यह पंडरिया ग्रामीण यांत्रिकीय सेवा उपसंभाग में अनुविभागीय अधिकारी के पद पर है। पंडरिया विकासखंड में लगभग 14 वर्ष बीत चुके है। परंतु फिर भी शासन व प्रशासन द्वारा अब तक इनका ट्रांसफर कवर्धा जिले से बाहर कभी नही किया गया जब कि प्रशासन के मुताबिक किसी भी अधिकारी को 3 वर्ष से ज्यादा एक ही जिले में नही रखा जाता परंतु राज्य सरकार द्वारा इनका अब तक कवर्धा जिले से बाहर ट्रांसफर नही किया गया इससे साफ होता है कि कही न कही सरकार भी ऐसे भ्रष्ट इंजीनियर को पनाह दे रही है एवं इनके द्वारा पंडरिया विकासखंड में किये गए निर्माण कार्य के बिना जांच के ही राशि दे दी गई।

इंजीनियर के निर्माण कार्य का कोई भी जांच नही होना यह इंजीनियर को शासन व प्रशासन द्वारा जानकारी के बावजूद भी नज़र अंदाज़ करना यह भ्रष्टाचार में लिप्त इंजीनियर को बढ़ावा देने के बराबर है आखिरकर अब तक कार्यवाही क्यों नही की गई पूर्व में अमृत लाल उरेहा द्वारा बनाये गए वर्ष 2012 व 2013 में ग्राम पंचायत बुचीपारा के आश्रित ग्राम दलपी में बाजार सेड निर्माण कार्य में बिना बीम डाले ही सेड का निर्माण कराया गया था जिसे पूर्व में पूरा करना था परंतु आज पर्यंत तक बाजार सेड का निर्माण कार्य अधूरा है जिसकी अनुमानित लागत राशि 5.00 लाख रुपये थी जिसे पूर्व में ग्रामीणों की शिकायत व अखबार में खबर प्रकाशन के दौरान तात्कालिक उच्च अधिकारी रायपुर के द्वारा कार्यपालन अभियंता को निर्देशित कर कार्यवाही करने पत्र लिखा गया था जिसकी सूचना पर आनन – फानन में तत्काल ही तोड़ कर बीम डाला गया परंतु दूसरी ओर आज भी बाजार सेड का निर्माण कार्य अधूरा है जो पर्यंत दिनांक तक नही बन सका इसकी मामले की जानकारी विभाग के अधिकारी व उच्च अधिकारी तक है।

वही सूत्रों की माने तो जानकारी के मुताबिक बाजार सेड के निर्माण में भारी अनियमितता बरती गई जहां बाजार सेड निर्माण कार्य के नाम पर मरम्मत के नाम पर अलग 60.000 हजार रुपये का चूना लगाया गया है जिसके बावजूद ऐसे भ्रष्ट इंजीनियर को जिला प्रशासन पनाह दे रही है ग्रामीणों द्वारा शिकायत करने के बावजूद भी कार्यवाही नही किया जॉना यह विभाग के उच्च अधिकारी पर सवालिया निशान खड़ा करता है कही विभाग के उच्च अधिकारी इंजीनियर से खानापूर्ति तो नही कर रहे जिसके कारण आज पर्यंत तक बचाने का पूरा जोर विभाग के अधिकारी दे रहे है जानकारी के मुताबिक ग्राम दलपी बाजार सेड निर्माण कार्य मे इजीनियर अमृत लाल उरेहा द्वारा स्वयं ही मूल्यांकन व सत्यापन भी किया गया है विभाग को इस मामले की जानकारी होने के बावजूद भी कार्यवाही नही किया गया पंडरिया विधानसभा युवक कांग्रेस अध्यक्ष स्वतंत्र सिंह द्वारा तीन बार आवेदन जनपद पंचायत पंडरिया सहित जिला पंचायत व कलेक्टर तक शिकायत किया गया जिसके बाद उच्च अधिकारी द्वारा जांच किये जाने पर ग्रामीणों के समक्ष जानकारी ली गई जिसमें भ्रष्टाचार में लिप्त इंजीनियर की जानकारी सही पाया गया परंतु आज तक कोई भी प्रशासनिक कार्यवाही नही की गई।

जांच की जानकारी मिलने के बाद युवक कांग्रेस के अध्यक्ष से चर्चा करने पर बताया गया कि अधिकारियों द्वारा बचाने का पूरा जोर प्रयास किया जा रहा है जिसके कारण अब तक कार्यवाही नही की जा रही है अगर जल्द ही कार्यवाही नही की गई तो ग्रामीणों के द्वारा भारी संख्या में पहुँचकर कलेक्ट्रेट का घेराव करना पड़ सकता है जिसके लिए जवाबदार जिला प्रशासन की होगी तभी हमारे प्रतिनिधि ने जांच होने के बावजूद कार्यवाही में हो रही देर को लेकर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा उपसंभाग के कार्यपालन अभियंता से बात किया तो उन्होंने कुछ भी कहने से मना कर अपना पल्ला झाड़ते हुए कहने से इंकार कर दिया जिसके बाद हमारे प्रतिनिधि द्वारा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से बात की तो उन्होंने भी कार्यवाही की बात कहते हुए कैमरे के सामने आने से इंकार कर दिया परंतु कार्यवाही अब तक नही की गई पंडरिया युवक कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष ने पूरे मामले का विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए कहा कि जिला प्रशासन द्वारा अब तक कोई कार्यवाही नही की गई है अगर कार्यवाही नही हुई तो इसकी जानकारी मंत्री तक दी जाएगी।

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