भष्ट्र सरपंच – सचिव को अधिकारियों का संरक्षण, लाखों का गबन, शिकायत के बाद कार्यवाही नहीं ?

तुलसी बाई गुन सिंह ने कलेक्टर मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत गरियाबंद सहित पंचायत विभाग के आधा दर्जन अधिकारियों के दफ्तरों में पहुंच कर अर्जी दिए हैं

हितेश दीक्षित

>छुरा। जिले के छुरा विकास खण्ड के ग्राम पंचायत रुवाड में सरपंच तोताराम ठाकुर एंव सचिव बंशी लाल नागंवशी के ऊपर आर्थिक अनमितता की शिकायत को लेकर दिसंबर में पंचायत के उप सरपंच भूवेन्द्र नेताम, पंचगण लक्षनी बाई, सुशीला बाई,

तुलसी बाई गुन सिंह ने कलेक्टर मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत गरियाबंद सहित पंचायत विभाग के आधा दर्जन अधिकारियों के दफ्तरों में पहुंच कर अर्जी दिए हैं।

अर्जी में चौदहवे वित्त मद से गली सौन्दर्यीकरण कार्य के लिए 1 लाख 79 हजार 250 रुपए,, शिविर कार्य क्रम के लिए 54 हजार 8 सौ रुपए , पेयजल ब्यवस्था 43 हजार 8 सौ रुपए , ग्राम उदय से भारत उदय के लिए 21 हजार 500 सौ रुपये ,

हेण्ड पम्प मरम्मत 20 हजार रुपये , मेडं बंधी कार्य के लिए 1 लाख 50 हजार रुपये , मैदान समतली करण 9 हजार रुपये , का खर्च किया जाना सरपंच सचिव द्वारा पंचायत दस्तावेज में है।

हम पंचों एवं उप सरपंच को मालूम ही नहीं है कब हुआ कार्य

पंचायत प्रस्ताव में उक्त निर्माण कार्य के लिए राशि आहरण करने के लिए कभी भी प्रस्ताव नहीं हुआ तो आखिर बिना प्रस्ताव का राशि भी आहरण किया जाना समझ से परे है।

इस संबंध में कलेक्टर गरियाबंद जिला सीईओ गरियाबंद को शिकायत पत्र पूरे ब्योरा सहित पत्र दिया गया है। इसके बाद किसी तरह कार्यवाही नहीं की जा रही है।

इसके साथ स्वच्छता के तौर पर बनाएं गए शौचालयों का भी बुरा हाल है। अभी तक शौचालय निर्माण की राशि पूरी नहीं दी गई है। शिकायत पंचायत प्रस्ताव रजिस्टर में हम पंचों का दस्तखत दिख रहा है वह वास्तविक में हम लोगों का हस्ताक्षर नहीं है।

जांच पड़ताल के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति

शिकायत के बाद उच्च अधिकारी शिकायत के बाद सचिव बंशी नागंवशी को जनपद पंचायत में संलग्न कर दिया है मामले को शांत करने के लिए लेकिन जांच-पड़ताल के नाम पर कुछ दस्तावेज को अधिकारी पंचायत से अपने साथ ले आए हैं और शांत बैठे हुए हैं।

पंचायतीराज में भ्रष्टाचार चरम पर है सरपंच सचिव के साथ-साथ वरिष्ठालयों के अधिकारी कर्मचारी भी अपने कमीशन लेने में पीछे नहीं है। अधिकारी सरपंच सचिव को हमेशा बचाने में लगे रहते हैं

जिसके कारण उच्च अधिकारी के शह पर पंचायत स्तर पर भारी भ्रष्टाचार चल रहा है मूलभूत चौदहवे वित्त की राशि सीधे-सीधे सरपंच सचिव और अधिकारियों के लिए एटीएम कार्ड की तरह है।

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