अनुसूचित जाति बहुल गांवों का विकास कर राष्ट्र के मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा

प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण शुरू

रायपुर : प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत प्रदेश के अनुसूचित जाति बहुल चयनित गांवों का समुचित विकास कर राष्ट्र के मुख्य धारा से जोड़ने के लिए केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय नई दिल्ली के सहयोग से आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा जिला स्रोत दल के सदस्यों का प्रशिक्षण आज से शुरू हो गई है। निमोरा स्थित ठाकुर प्यारेलाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास प्रशिक्षण संस्थान में जिला स्रोत दल के सदस्यों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 23 मई तक चलेगा।

प्रशिक्षण में आदिम जाति विभाग के सचिव सह-आयुक्त डी.डी. सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना का उद्देश्य राज्य के 50 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति की जनसंख्या वाले चयनित गांवों का एकीकृत विकास सुनिश्चित करना है।

ऐसे गांवों का समुचित विकास कर राष्ट्र की मुख्य धारा से जोड़ना है। उन्होंने अधिकारियों को इसके लिए प्रशासनिक सहभागिता के साथ-साथ आम लोगों को जागरूक कर उन्हें भी इस कार्यक्रम में जोड़ने पर बल दिया।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अवर सचिव दीपक कुमार ने योजना के क्रियान्वयन हेतु दिशा-निर्देशों में उल्लेखित प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रपत्रों के प्रारूप तथा उनमें दर्ज की जाने वाली प्रविष्ठियों के बारे में भी बताया।

दीपक ने योजना की उपलब्धियों की जानकारी ऑनलाइन अपलोड करने के संबंध में सॉफ्टवेयर विशेषज्ञों को भी तकनीकी जानकारी दी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में संकाय सदस्य आनंद रघुवंशी, प्रज्ञान सेठ और संजय गौड़ ने भी योजना के बेहतर क्रियान्वयन के संबंध में अपना विचार रखा।

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