सूचना के अधिकार से शासन का जनता के प्रति जवाबदेही और उत्तरदायित्व के भावना का होगा विकास: एम.के.राउत

सभी अभिलेख विधिवत, तालिकाबद्ध और सूचीबद्ध रखे: ए.के.सिंह

रायपुर :जिला कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रास सभाकक्ष में आज सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रथम अपीलीय अधिकारियों का एक दिवसीय संभाग स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर राज्य मुख्य सूचना आयुक्त एम.के.राउत, राज्य सूचना आयुक्त ए.के.सिंह एवं मोहन राव पवार, संभागायुक्त ब्रजेश चंद्र मिश्र, कलेक्टर ओ.पी.चौधरी तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दीपक सोनी सहित संभाग के सभी जिलों के प्रथम अपीलीय अधिकारी उपस्थित थे।

इस एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए राज्य मुख्य सूचना आयुक्त एम.के.राउत ने कहा कि सूचना का अधिकार के तहत मांगे जाने वाली जानकारियों का जवाब 30 दिनों के भीतर दिया जाना है। निर्धारित समय अवधि पर सूचना का जवाब नहीं देने पर जवाबदेही संबंधित अधिकारी की होगी।

आवेदकों को सूचना मांगने के लिए कारण बताने की आवश्यकता नहीं है। अधिकारी सूचना के अधिकार के तहत प्रस्तुत आवेदन का गंभीरता से अध्ययन करें। सूचना का अधिकार अधिनियम का पालन करने से शासन का जनता के प्रति जवाबदेही और उत्तरदायित्व के भावना का विकास होगा।

इस अधिनियम के अंतर्गत जनसूचना अधिकारी को केवल ऐसी सूचना देना है, जो उनके पास उपलब्ध है। जन सूचना अधिकारी द्वारा सूचना की व्याख्या या समस्याओं का समाधान करना अपेक्षित नहीं है।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए राज्य सूचना आयुक्त ए.के. सिंह ने कहा कि इस अधिनियम के तहत किसी भी व्यक्ति को समय के भीतर सही और पूर्ण जानकारी देना जनसूचना अधिकारी का दायित्व है।

अधिनियम के प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अभिलेखों का समुचित प्रबंधन अत्याधिक महत्वपूर्ण है। यह सुनिश्चित करंे कि सभी अभिलेख विधिवत्, तालिकाबद्ध और सूचीबद्ध हो, ताकि सूचना के अधिकार को सुलभ बनाया जा सके।

अधिनियम के तहत समय के भीतर सूचना नहीं देने पर प्रार्थी या आवेदक प्रथम अपीलीय अधिकारी के समक्ष अपील कर सकते है।

सूचना अधिकारी ध्यान रखें कि बिना किसी उचित कारण के और लगातार सूचना हेतु किसी आवेदक को प्रदान करने में लापरवाही अथवा जान बूझकर गलत, अपूर्ण अथवा भ्रामक जानकारी दी जाती है तो जनसूचना अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा सकती है।

इसी तरह राज्य सूचना आयुक्त मोहन राव पवार ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम का मूल उद्देश्य आमजनों को सशक्त बनाना, सरकार के कार्यकलापों में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाना है।

इस अधिनियम के माध्यम से भ्रष्टाचार को रोकना तथा लोकतंत्र को वास्तविक रूप से जनता के लिए काम करने के लिए तैयार करना है। कार्यशाला में संभाग के सभी जिलों के प्रथम अपीलीय अधिकारियों को सूचना के अधिकार अधिनियम के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।

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