छत्तीसगढ़

परमात्मा की भक्ति भी कैवल्य ज्ञान दिलाने में समर्थ : साध्वी सिद्धांतनिधि

रायपुर । प्रभु परमात्मा की भक्ति भी यदि पूरी श्रद्धा-आस्था और समर्पण से की जाए तो वह भी हमें कैवल्य ज्ञान की प्राप्ति कराने में समर्थ है। यह विचार गुरूवार को ऋषभदेव जैन श्वेताम्बर मंदिर सदरबाजार में गुरुवार को `टच टू ट्रांस्फर` शिविर के प्रथम दिन साध्वी सिद्धांतनिधि ने व्यक्त किए।
साध्वी ने आगे कहा कि, वस्तुपाल और तेजपाल की ओर से की गई परमात्मा की भक्ति ऐसी ही थी। स्वयंभवसूरि महाराज ने शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा के समक्ष अपनी शंका का समाधान किया था, भगवान से उन्होंने वार्तालाप की। भगवान हमसे वार्ता के लिए तैयार हैं केवल भक्त में इतना सामथ्र्य चाहिए कि उसमें परमात्मा को सुनने-समझने की पात्रता, शक्ति और गहन श्रद्धा हो। आज हमारे ओर से की गई प्रभु भक्ति हमारे लिए आत्मोद्धारक क्यों नहीं बन पा रही है, यह चिंतन-मनन का विषय है। भक्ति, पूजा, आराधना सब करते हैं किंतु खुद ही खुद के साथ छल, कपट, मायाचारी भी कर रहे हैं तो भक्ति सफल होने वाली नहीं। आनंदघनजी महाराज ने प्रभु परमात्मा की ऐसी भक्ति और अटूट प्रीति की कि वे आहार-जल सब कुछ भूल गए। परमात्मा से ऐसी प्रीति हमारी हो कि वह कभी खंडित न हो पाए। `टच टू ट्रांसफर` परमात्म प्रतिमा के चरणों का स्पर्श हमारे लिए कल्याणकारी बन जाए। इस विशेष शिविर के ऐसे ही अन्तर्मन को स्पर्श करने वाले विषयों पर स्नेहयशा की अंतेवासिनी साध्वी रत्ननिधिश्री ने भी सुस्पष्ट भावार्थ कर श्रद्धालुओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
00 लघुनाटिका `चंदनबाला` का मंचन 29 को
ऋषभदेव जैन मंदिर के अध्यक्ष तिलोकचंद बरडिय़ा ने कहा कि, साध्वी रत्ननिधि आदि ठाणा-3 की निश्रा में तीन दिवसीय चंदनबाला के तेला तप का गुरूवार को द्वितीय दिवस रहा, जिसमें अनेक श्रद्धालुओं ने बेले का प्रत्याख्यान ग्रहण किया। वहीं रविवार को जैन मंदिर, सदरबाजार के आराधना हॉल में शाम 7.30 बजे से जीवन दर्शन और तत्व ज्ञान पर आधारित लघुनाटिका `चंदनबाला` का मंचन होगा। सूचना सत्र का संचालन करते हुए डॉ. धरमचंद रामपुरिया और युवा स्वाध्यायी सुरेश भंसाली ने कहा कि, सदर जैन मंदिर के आराधना हॉल में `टच टू ट्रांसफर` शिविर 30 अक्टूबर तक सुबह 8 से 9.45 बजे तक संचालित होगा। कार्तिक पूनम का वरघोड़ा ऋषभदेव जैन मंदिर, सदरबाजार से सुबह 8 बजे निकाला जाएगा जो अहिंसा चौक, मालवीय रोड, एमजी रोड होते हुए जिनकुशल सूरि जैन दादाबाड़ी पहुंचेगा, जहां सिद्धाचल की भावयात्रा होगा। 5 नवम्बर को वर्ष-2017 के चातुर्मास की विधिवत समापन की घोषणा के साथ धर्मसभा होगा।

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