डीएफओ मनोज पांडेय के दुर्व्यवहार की पत्रकार संघ ने की कड़ी निंदा

-राष्ट्रीय शोक पर कार्यालय खुले रहने पर मीडिया के सवाल पर भड़क गए थे डीएफओ

सूरज गुप्ता

करगीरोड कोटा।

पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयीजी के निधन के बाद सरकार वे राष्ट्रीय शोक घोषित किया था।
वहीं राज्य सरकार ने सभी सरकारी कार्यालय स्कूल कालेजों को अटलजी के सम्मान में एक दिवसीय बंद रखने का आदेश जारी किया था, लेकिन उस आदेशों की अवहेलना उन्ही के उच्च अधिकारियों ने किया।

जिस पर मीडिया नें डीएफओ से सवाल कर दिया तो उल्टे डीएफओ मीडिया पर ही भड़क गए और देख लेने और एफआईआर कराने की धमकी तक दे डाली।

शुक्रवार को राजकीय शोक घोषित होने के कारण एक दिवस का अवकाश था। सभी शासकीय कार्यालय बंद रहे, लेकिन वहीं एटीआर के नए बने भवन एवं उसके पास की पुरानी आफिस में भी कुछ काम चल रहा था, जिसके बारे पत्रकारों ने वहां मौजूद डीएफओ मनोज पांडेय से पूछा तो साहब मीडिया का कैमरा देखकर आगबबूला हो गए कैमरा बंद करो और खुद ही कैमरे पर हाथ रखने लगे।

मीडिया को धमकी देने लगे तुम सबको देख लूंगा और एफआईआर करा दूंगा कहने लगे अगर अधिकारी ऐसे ही धमकी देंगे तो मीडिया की स्वतंत्रता का हनन है।

एक तरफ डीएफओ मनोज पांडेय कहते है हम तो आफिस में आए है कौन सा काम धाम कर रहे है। आप लोग कुछ भी बोलते हो तो वहीं साहब को पता रहना चाहिए की जब पूरा देश अटल जी के सम्मान में एवं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। जबकि राज्य सरकार ने ही आदेश निकाला है तब तो उसका पालन करना चाहिए था।

डीएफओ ने मीडिया के पूछने पर इतने आवेश में आ गए कि देख लेने और एफआईआर कराने की धमकी तक दे डाली। डीएफओ के इस दुर्व्यहार से कोटा पत्रकार संघ ने इसकी कड़ी निंदा की है।

बहरहाल अधिकारी खुद की गलती के बावजूद अगर मीडिया से इस तरह की बदसलूकी और गलत व्यवहार करेंगे तो ये बिल्कुल ही गलत है। ऐसे अधिकारी ही सरकार की छवि को धुमिल कर रहे है। अफसरशाही दिखा रहे है सरकार को ऐसे अधिकारियों पर लगाम कसना बहुत जरूरी है।

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