ध्रुव हेलीकॉप्टर में तेज आवाज और झटकों से डीजीसीए नाराज

नई दिल्ली : नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने ध्रुव हेलीकॉप्टर के इंजिन में तेज आवाज और कॉकपिट में झटकों पर नाराजगी जताई है। महानिदेशालय ने तुरंत इसमें सुधार के निर्देश दिए हैं और जब तक सुधार नहीं होता है तब तक पायलटों के लिए कुछ निर्देश जारी किए हैं। ध्रुव हेलीकॉप्टर का निर्माण सरकारी क्षेत्र की हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) करती है।

ध्रुव हेलीकॉप्टर में लगे टीएम 333-2बी2 इंजिन से उड़ान के दौरान तेज आवाज निकलती है और वाइब्रेशन भी होता है। इसकी वजह से कॉकपिट में झटके लगते हैं। निदेशालय ने पायलटों से कहा है कि उड़ान के दौरान इस तरह की समस्या पैदा होती है तो वो 80 नॉट से कम तेजी से हेलीकॉप्टर को उड़ाएं। आवाज करने वाले इंजिन को बंद कर दें और सिंगल इंजिन के सहारे हेलीकॉप्टर को तुरंत सही जगह पर उतारें। ध्रुव हेलीकॉप्टर का सैन्य के साथ ही नागरिक इस्तेमाल भी होता है। एचएएल ने लगभग 250 ध्रुव हेलीकॉप्टरों का निर्माण किया है।

एचएएल के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी ने खुद डीजीसीए के माध्यम से जनवरी में इस तरह के निर्देश जारी किए थे। ग्राहकों के हित को ध्यान में रखकर ऐसा किया गया था। ऐसा करने का मकसद यह है कि इस तरह की स्थिति पैदा होने पर ग्राहक सावधानी वाले उपाय करें।

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