डीजीएफटी ने दी आयतकों को राहत, मटर के आयात को मिली मंजूरी

उतनी मात्रा में मटर आयात की अनुमति प्रदान की जाए

नई दिल्ली। विदेशी व्यापार महानिदेशालय ने आयतकों को अग्रिम भुगतान से बचाने के लिए 125 टन पीली मटर के आयात को मंजूरी दी है।

भारतीय आयातकों ने सरकार से गुजारिश की थी कि उन्हें कम से कम उतनी मात्रा में मटर आयात की अनुमति प्रदान की जाए, जिसके लिए उन्होंने विदेशी विक्रेताओं को अग्रिम भुगतान किया था।

कनाडा भारत का सबसे बड़ा निर्यातक भारत मुख्य रूप से कनाडा, यूक्रेन और फ्रांस आदि से मटर आयात करता है।

कनाडा भारत का सबसे बड़ा मटर निर्यातक

वित्त वर्ष 2016-17 तक कनाडा भारत का सबसे बड़ा निर्यातक था। उस वर्ष कनाडा ने भारत को कुल 20.2 लाख टन की खेप भेजी थी।डीजीएफटी ने छोटे आयातकों की कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए उनकी मांग के अनुरूप प्रति अनुबंध मटर के अधिकतम 125 टन (पूर्ण क्षमता वाले पांच कंटेनरों का वजन) या इससे कम आयात की अनुमति देने का निर्णय लिया गया।

डीजीएफटी ने स्पष्ट किया है कि उपयुक्त आवेदक अपने अनुबंधों के पंजीकरण और संवर्धन के लिए अपने संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। क्षेत्रीय अधिकारी आयातकों के अनुबंध के अनुसार मटर आयात की अनुमति प्रदान करने वाले क्षेत्रीय प्रमाणपत्र जारी करेंगे।

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