छत्तीसगढ़

नक्सली हमले में घायल होकर विकलांग हुए जवानों से मिले DGP डीएम अवस्थी, सुना दुख दर्द

छत्तीसगढ़ पुलिस की संवेदना योजना

रायपुर। नक्सली हमले में घायल जवानों की समस्याओं के तत्काल निराकरण के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस ने संवेदना योजना शुरू की है। इसके तहत DGP डीएम अवस्थी ने छत्तीसगढ़ की स्थापना के बाद से नक्सली हमलों में घायल होकर विकलांग हुए पुलिस के अफसरों और जवानों से मेल मुलाकात का कार्यक्रम शुरू किया है।

इसके तहत DGP आज रायपुर में 13 घायल जवानों से मिले, उनका दुख-दर्द सुना और समस्याओं का तत्काल निराकरण किया। इनमें एक STF के अन्तोष मरकाम ने DGP से प्रमोशन की मांग की। नक्सली मुठभेड़ में अन्तोष को 5 गोली लगी थी। झीरम हमले में महेंद्र कर्मा के PSO रहे मोहम्मद शफीक खान ने इलाज के लिए दूसरे राज्य जाने पर उनके और उनके परिवार वालों के आने-जाने और रुकने आदि खर्च भी दिलाए जाने की मांग DGP से की।

बता दें कि मोहम्मद शफीक खान के पेट में अभी गोली फंसी हुई है। इसके अलावा कुछ घायल जवानों ने शहीदों के परिजनों की तरह घायल जवानों के परिजनों को भी सरकारी नौकरी और सारी सुविधाएं देने की भी मांग की।

घायल जवानों से मुलाकात के बाद डीएम अवस्थी ने बताया कि प्रदेश में छत्तीसगढ़ के राज्य की स्थापना के बाद करीब 675 जवान नक्सली हमलों में घायल होकर विकलांग हुए। सरकार ने इनके लिए संवेदना योजना शुरू की है, जिसके तहत वे अलग-अलग बैच में सभी घायल जवानों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनेंगे और उनका तत्काल निराकरण करेंगे।

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