छत्तीसगढ़

स्पंदन कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों, परिजनों की समस्याओं का डीजीपी ने किया तत्काल निराकरण

स्पंदन कार्यक्रम के जरिए एक पुलिसकर्मी की पत्नी ने अपनी शिकायत डीजीपी के सामने रखी।

रायपुर। डीजीपी डीएम अवस्थी ने स्पंदन कार्यक्रम के जरिए पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों की समस्याओं का तत्काल निराकरण किया। स्पंदन कार्यक्रम के जरिए एक पुलिसकर्मी की पत्नी ने अपनी शिकायत डीजीपी के सामने रखी। महिला ने बताया कि ‘सर मैं जबलपुर में बच्चों और सास-ससुर के साथ रहती हूं, मेरे पति छ.ग. पुलिस में हैं, हमारी शादी को 19 वर्ष हो गये हैं। मेरे पति परिवार के भरण-पोषण में कोई ध्यान नहीं देते हैं, और आर्थिक जरूरतों के लिए पैसे भी नहीं भेजते हैं।’

इस समस्या स्पंदन कार्यक्रम में डीजीपी डी एम अवस्थी के सामने आयी। जिसका तत्काल निराकरण करते हुए डीजीपी ने संबंधित पुलिसकर्मी को सोमवार को अपने समक्ष पेश होने के निर्देश दिये। उन्होने पीड़ित महिला को आश्वासन दिया कि उनके पति को मिलने वाले वेतन में से कुछ हिस्सा आपको भी दिलाया जाएगा।

छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के आरक्षक शिवशंकर धुरिया ने कहा कि मुझे एसटीएफ से बटालियन भेज दिया गया है, मैं वापस एसटीएफ में अपनी सेवा देना चाहता हूं जिस पर डीजीपी ने तत्काल एसपी एसटीएफ बघेरा को फोन कर एसटीएफ में पदस्थ करने के निर्देश दिये। आरक्षक वेदप्रकाश रत्नाकर की वृद्ध मां ने कहा कि मैं हमेशा बीमार रहती हूं, अभी मेरी आंख का ऑपरेशन भी हुआ है कृपया मेरे बेटे का स्थानांतरण राजनांदगांव से महासमुंद कर दिया जाये।

कोटा में पदस्थ महिला आरक्षक पांचो बाई मार्बल ने कहा कि उनके पति धमतरी में पदस्थ हैं, उनका स्थानांतरण बिलासपुर जिला में कर दिया जाये।

डीजीपी अवस्थी ने तत्काल पति-पत्नी को एक ही साथ बिलासपुर में पदस्थ करने आदेश जारी कर दिये। देवरिया उत्तर प्रदेश से आरक्षक मुरलीधर नायक ने कहा कि मैं बलौदाबाजार में पदस्थ हूं, मेरा स्थानांतरण सूरजपुर कर दिया जाये जिससे मुझे देवरिया आने-जाने में आसानी हो सके। विभा मेश्राम ने कहा कि उनके पति पिछले 15 वर्षों से बस्तर के विभिन्न स्थानों पर पदस्थ हैं, उनका स्थानांतरण बालोद कर दिया जाये।

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