दो दिन की बारिश में ही धंसी सड़क दो साल नहीं टिक पाई चार करोड़ की सड़क

नईम खान :

बिलासपुर . तीन दिन से रुक-रुक हो रही बारिश ने निगम के सड़कों की गुणवत्ता की पोल खोलकर रख दी है। राजीव गांधी चौक से आगे रमेश स्टील्स के सामने की सड़क धंस कर गहरे गड्ढे में तब्दील हो गई है।

मुख्य मार्ग की सड़क धंसकने और आसपास किसी तरह का संकेतक न रखे होने के कारण आने जाने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा ।

दो साल पहले नगर निगम ने राजीव गांधी चौक से महाराणा प्रताप चौक सड़क निर्माण के लिए आनंदी बिल्डर्स को ठेका दिया था।

इसके लिए चार करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। घटिया निर्माण कार्य के चलते चार करोड़ रुपये की सड़क दो साल भी नहीं चल पाई है।

शहर में बीते तीन दिनों से रुक-रुक हो रही बारिश ने घटिया सड़क बनाने वाले ठेकेदार की पोल खोलकर रख दी है। दो दिन पहले हुई तेज बारिश के बाद बुधवार को सड़क धंसकने लगी थी।

इसकी शिकायत आसपास के मोहल्लेवासियों ने निगम के अधिकारियों से की थी। निगम अफसरों ने ध्यान नहीं दिया । गुरुवार को सुबह के वक्त सड़क धसक गई और गहरे गड्ढे में बदल गई ।

रायपुर बिलासपुर मुख्य मार्ग होने के अलावा आसपास प्रमुख मोहल्ले होने के कारण सुबह से ही लोगों की आवाजाही शुरू हो जाती है। इसके अलावा भारी वाहनों के आने जाने का सिलसिला भी शुरू हो जाता है।

सुबह के वक्त जब व्यवसायियों ने दुकानें खोली तब सड़क गहरे गड्ढे में तब्दील हो गई थी। दुर्घटना की आशंका को देखते हुए आसपास के लोगों ने गड्ढे के चारों तरफ पत्थर व ईंट रखकर घेरा कर दिया था। इसके अलावा लोगों को सतर्क भी कर रहे थे ।

घटिया फिलिंग का नतीजा

अंडरग्राउंड सीवरेज सिस्टम के तहत रायपुर.बिलासपुर मुख्य मार्ग की इस सड़क के दोनों तरफ खोदाई की गई थी। खोदाई के बाद पाइप लाइन बिछाई गई थी।

पाइप लाइन बिछाने के बाद मिट्टी की फिलिंग की गई और फिर इसके ऊपर डामरीकरण किया गया था। भूमिगत पाइप लाइन बिछाने के बाद फिलिंग ठीक न करने के कारण सड़क धंसकना माना जा रहा है।

कांग्रेसी पार्षदों ने किया था विरोध

राजीव गांधी चौक से आगे की सड़क बीते दो दिनों से धंस रही है। निगम के अफसरों ने ध्यान ही नही दिया। नतीजा आज सड़क गहरे गड्ढे में तब्दील हो गई है।

दो वर्ष निगम ने आनंदी बिल्डर्स को ठेका दिया था। उस वक्त कांग्रेस पार्षद दल ने काम्पेक्शन ठीक से न करने व तय मापदंड के अनुसार मटेरियल का उपयोग न करने की शिकायत की थी ।

हमने अपने स्तर पर जांच भी किया था। जांच में निर्माण सामग्री मापदंड के आधार पर ठीक नहीं पाया गया था।
शैलेंद्र जायसवाल,प्रवक्ता कांग्रेस पार्षद दल

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