धनुष तोप 29 मार्च को होगी सेना में शामिल, रेंज 40 किलोमीटर

भारतीय सेना की ताकत अब कई गुना बढ़ने वाली है। दरअसल 29 मार्च को सेना के खाते में 4 देसी बोफोर्स को औपचारिक तौर पर शामिल कर लिया जाएगा। इसे धनुष हॉविट्जर के नाम से भी जाना जाता है।

नई दिल्ली, जेएनएन। भारतीय सेना की ताकत अब कई गुना बढ़ने वाली है। दरअसल 29 मार्च को सेना के खाते में 4 देसी बोफोर्स को औपचारिक तौर पर शामिल कर लिया जाएगा। इसे धनुष हॉविट्जर के नाम से भी जाना जाता है।

दरअसल देसी बोफोर्स को आज ही सेना को सौंपा जाना था। लेकिन आर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड महानिदेशक सौरभ कुमार कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। निर्माणी प्रशासन ने दोपहर बाद तक सौरभ कुमार के कार्यक्रम में शामिल न होने की वजह को स्पष्ट नहीं किया। वहीं श्रमिक नेताओं का कहना है कि निर्माणी का यह कार्यक्रम स्थगित करने की वजह इस कार्यक्रम में थल सेना अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत का आना हैl निर्माणी प्रशासन अब 29 मार्च को धनुष तोप सेना के हवाले करने की तैयारी कर रहा हैl

बता दें कि बोफोर्स जंग की स्थिति में दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देंगे। धनुष हॉविट्जर का निर्माण बोफोर्स की तर्ज पर ही किया गया है। गौरतलब है कि 1980 के दशक में बोफोर्स को भारतीय सेना में शामिल किया गया था। किसी भी तोप का सामने करने में सक्षम बोफोर्स दुश्मनों की किसी भी तोप का सामना कर सकती है।

तोप धनुष का कैलिबर 155mm है, जबकि इसकी रेंज 40 किलोमीटर है। यह भारत में बनाई गई पहली लंबी रेंज की तोप है। ये तोप दिन और रात दोनों वक्त हमला करने में सक्ष्म है। साथ ही पहाड़ी इलाकों में भी इसकी बड़ी आसानी से तैनाती की जा सकती है।

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