धोनी बने मैन ऑफ द सीरीज, आलोचकों को बल्ले से दिया मुहँ तोड़ जवाब

भारत को वनडे सीरीज में ऐतिहासिक जीत दिलाने में धोनी की बेहद अहम भूमिका रही।

कुछ समय पूर्व खराब फॉर्म को लेकर महेंद्र सिंह धोनी आलोचना का सामना कर रहे थे। उन्हें जब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम में शामिल किया गया तब भी खूब आलोचना हुई।

लेकिन वनडे सीरीज में धोनी ने बल्ले से ऐसा कमाल किया कि आलोचकों के मुंह पर ताला लग गया। भारत को वनडे सीरीज में ऐतिहासिक जीत दिलाने में धोनी की बेहद अहम भूमिका रही।

धोनी ने लगातार दूसरे मैच में विनिंग पारी खेली। इसके बाद धोनी के आलोचकों को भी करारा जबाव मिल गया जो ये कह रहे थे कि धोनी अब बल्लेबाजी करने योग्य नहीं रह गए हैं।

धोनी बने मैन ऑफ द सीरीज

धोनी इस वनडे सीरीज में जीत के हीरो रहे। तीनों वनडे मैच में उन्होंने अर्द्धशतक जमाए और टीम के लिए संकटमोचक साबित हुए।

हालांकि पहले मैच में उनकी पारी बेकार गई लेकिन दूसरे और तीसरे मैच में उन्होंने बेहतरीन नाबाद पारियां खेलते हुए टीम को जीत दिलाई।

धोनी ने 3 वनडे मैचों में क्रमशः 51, 55* और 87* रनों की पारियां खेलीं। इस वनडे सीरीज में धोनी ने 193 की औसत से कुल 193 रन बनाए।

उनका स्ट्राइक रेट 73.10 का रहा। रन बनाने के मामले में धोनी इस सीरीज में दूसरे नंबर पर रहे। सीरीज में सबसे ज्यादा 244 रन शॉन मार्श ने बनाए।

लेकिन दो मैचों में भारत को जीत दिलाकर सीरीज जीतने में अहम भूमिका निभाने वाले धोनी को उनकी शानदार बल्लेबाजी के लिए मैन ऑफ द सीरीज चुना गया।

निर्णायक वनडे में सधी पारी

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे और निर्णायक वनडे मैच में धोनी ने बेहद संयमित पारी खेली। विकेट पर बल्लेबाजी काफी मुश्किल थी, ऐसे में धोनी ने धैर्य रखते हुए बल्लेबाजी की।

उन्होंने 114 गेंदों पर नाबाद 87 रन बनाए और नाबाद रहे। इस पारी में उन्होंने कुल 6 चौके लगाए।

उन्होंने तीसरे विकेट के लिए पहले कप्तान विराट के साथ 54 रन और फिर चौथे विकेट के लिए केदार जाधव के साथ नाबाद 121 रनों की शानदार साझेदारी की।

आलोचकों को करारा जवाब

धोनी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले धोनी खराब फॉर्म के चलते आलोचकों के निशाने पर आ गए थे। लेकिन धोनी ने हमेशा की तरह अपने बल्ले से उन्हें करारा जबाव दिया।

आलोचक टीम में उनके चयन को लेकर भी लगातार सवाल उठा रहे थे। यहां तक की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले मैच में जब उन्होंने धीमी बल्लेबाजी की तब भी उनकी आलोचना हुई थी।

इस मैच में भारत को हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन दूसरे और तीसरे मैच में शानदार बल्लेबाजी करते हुए धोनी ने आलोचकों को करारा जवाब दिया।

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