छत्तीसगढ़

धनेन्द्र ने हसुआ की घटना पर उठाए सवाल.. कहा- मौत के बाद क्यों ले गए अस्पताल ?

रायपुर : पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं विधायक धनेन्द्र साहू ने आज कांग्रेस भवन में हुये पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुये कहा है कि बलौदाबाजार जिले के अंतर्गत गिधौरी थाना के ग्राम हसुआ में होली के दिन बहुत ही वीभत्स घटना घटित हुयी थी। ग्राम हसुआ में तेरस राम साहू एवं उसकी पोती कुमारी धारिणी साहू को एक कार में पूरी तरह से कुचल दिया कार विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल के भांजे की कार थी, खूब नशे में थे, गाड़ी में शराब की बोतले थी। घटना स्थल पर ही दोनो की मौत हो गई उसके बावजूद स्थिति को उग्र होते देखकर इलाज के लिये ले जा रहे ऐसा करके जबरदस्ती उनको शिवरीनारयण ले जायेगा वहां भी जब देखा गया कि स्थिति काफी तनाव पूर्ण हो रहा है तो जबरिया उनको बिलासपुर ईलाज के लिये भेजने की कोशिश की गई जबकि घटना स्थल पर ही दोनो की मौत हो चुकी थी।

घटना के बाद जो उग्र स्थिति निर्मित हुयी अब उसे अलग रूप देने के लिये परिवार के उपर पहले दबाव भी बनाया गया पैसा ले लो और मामला को शांत करो कहीं पे रिपोर्ट न करो और साथ ही जो भीड़ वहां पर एकत्रित थी तो भीड़ ने कहीं किसी भी तरह से न पुलिस के उपर न किसी तरह का आक्रमण किया खुद पुलिस वालो ने अपने गाड़ी में स्वंय पथराव करवाया प्रमाण है सारे गांव के लोग और उल्टे उन परिवार परिजनों के उपर बहुत सारा धारा लगा दिये गये है धारा 147, 148, 149, 186, 189, 332, 353, 427, ऐसे विभिन्न उनके उपर अपराध झूठा अपराध उन्हीं परिवारजनों के उपर में झूठे अपराध दर्ज कर दिये गये है। अभी तक अपराधी खुलेआम घुम रहे है, उनके उपर किसी भी तरह से कार्यवाही न करके उन्हें पूरी तरह से संरक्षण प्रदान किया जा रहा है।

शिविर में प्राप्त आवेदनों पर गंभीरता से कार्यवाही की जाये उनके दस्तावेजी, उनके प्रमाण रखे जाये संबंधित विभाग को भेजकर निराकरण करे और आवेदको को इसकी जानकारी देवे क्या निराकरण हुआ किसी का यदि नहीं हो रहा है तो पूरा निराकरण किया जाये कचरा में न फेका जाये। मैने कल अपने बाते विचार उदबोधन में रखे 2 बजे शिविर समाप्त हो गया शिविर समाप्ती की घोषणा शिविर अधिकारी के द्वारा लगभग 2 बजे से और 2, 4 मिनट पहले ही शिविर समाप्ती की घोषणा कर दी गयी। शिविर समाप्ती के बाद सारे अधिकारी चले गये हम लोग भी चले गये।

04.30 बजे में वहां से कुछ दूर में मैं वहां गोबरा-नवापारा में था और 04.30 बजे करीब मेरे को गांव वाला का फोन आया कि विधायक शिविर समाप्त होते ही सारे अधिकारी चले गये और पंडाल भी उजड़ गया है और वहां टेबल पर पड़े बहुत सारे आवेदन वहां पर रखे हुये सारे रजिस्टर रखे हुये है। इसको क्या करना है मैने कहां अधिकारी कर्मचारी होगे कहीं ढूंढ लो हो सकता एकात अधिकारी कर्मचारी रूके हो उनको ढूंढ लो फिर मुझे बताना फिर उन गांव वाले का पौने पांच बजे फिर फोन आया बताया विधायक जी यहां कोई नही है हम लोगो ने पूरा ढूंढ लिया है।

तो हमने गांव वाले को ये कहा सारे आवेदन लाकर आप लोग कुछ दूर में गोबरा नवापार थाना पड़ता है गोबरा नवापार थाना में लाकर सारे आवेदन दस्तावेज को जमा कर दे। उन लोगो ने कहा हम लोग ला रहे तो विधायक जी आप भी साथ में रहे अच्छा होगा मैं भी गया थाना में तो लगभग हजारो की संख्या में आवेदन थे जो उस तारीक में जमा हुये थे और संबंधित ग्राम पंचायत नौ ग्राम पंचायतो का शिविर था तो वो सभी 9 ग्राम पंचायतों का रजिस्टर से जो आवेदनो की एंन्ट्री की गयी थी। उसे लेकर गांव वासी थाने लेकर गये मैं भी उपस्थित था निजी वद थाने में इसकी सूचना और रिपोर्ट दर्ज करायी गयी थी।

रिपोर्ट दर्ज होने के कुछ देर बाद यह जानकारी भी मिली की प्रशासन के दबाव में कुछ कर्मचारियों एक कर्मचारी के द्वारा रिपोर्ट लिखायी गयी की हमारे दस्तावेजो की चोरी हो गयी है। कुछ अज्ञात लोगो के द्वारा वो करीब शायद 10 बजे रात को रिपोर्ट लिखायी गयी थी। आज मैंने अखबारो के माध्यम से जानकारी हुयी माननीय मुख्यमंत्री का बयान आया है कि इसमें विधायक भी राजनीति कर रहे है अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है प्रदेश के मुख्यमंत्री का इतनी बड़ी घटना प्रकाश में आने के बाद में वो स्वंय सच्चाई को नकारते हुये राजनैतिक ज्ञान दे रहे थे। हम लोग राजनैतिक व्यक्ति है हमारे पास अगर समस्या या कोई विषय आता है तो उठाना हमारा धर्म है।

लोक सुराज अब नाम जिस कारणो से दिया है उनकी भावनाओ की इस तरह से बढ़चढ़ के जिस तरह से प्रचार कर रहे है कि इससे स्वराज आ जायेगा इससे लोगो के जनकल्याण के कार्य हो रहे है और मुख्यमंत्री ने ये भी कह दिया कि 14 साल से मेरी जो सरकार चल रही है लोक सुराज के कारण से चल रही ही है। ये भी उनका बयान पढ़ा है मैने तो निश्चित तौर से उनकी सरकार चल रही है लेकिन जनता का भला नही हो रहा है। मुख्यमंत्री का अवश्य भला हो रहा होगा जनता को जिस तरह से गुमराह करके आज ये अपने राजनैतिक रोटी सेक रही है लोक सुराज के माध्यम से पूरे सरकारी पैसे का दुरूपयोग करके।

इनका आफिस का सिस्टम जब सब में सिटिजन चाउर्ट लागू है सारे विभागो में हर विभाग के हर विषय के एक समय सीमा तय की गयी है। आज मुझे पटवारी से नकल चाहिये न कुछ दस्तावेज चाहिये अन्य और किसी भी प्रकरण का सारे विषयो का समय सीमा तय की गयी है उस समय सीमा में कृषि कार्य काम नहीं हो रहे है और इसलिये लोग भटक रहे है बीना रिश्वत खोरी के, बीना पक्षपात के किसी भी आम जनता का किसी भी सरकारी कार्यालयों में चाहे वो तहसील कार्यलय, जनपद पंचायत कार्यालय हो अन्य जीतने भी कार्यालय हो, कलेक्टर का कार्यालय हो किसी भी कार्यालय में आम जनता कोई कार्य नहीं हो रहा है। इसलिये शिविर में भीड़ लगती है।

कि उस उम्मीद के साथ मुख्यमंत्री आकाश मार्ग से न जाने हमारे गांव में टपक जायेगा और हमारी समस्याओं का अंत हो जायेगा और इस विश्वास के साथ में सारी जो भीड़ है उस शिविर में पहुंचती है कि चलो हमारा काम हो जायेगा। लेकिन पता नहीं मुख्यमंत्री कहा उतरते है मेरे अभनपुर विधानसभा के एक भी गांव में नहीं उतर सके अभी तक और अचानक उतरते रहते है तो आज जिस तरह से कहीं आम जनता के समस्याओं का कहीं भी निराकरण नहीं हो इस शिविर के माध्यम से और अधिक खिलवाड़ लोगो के भावनाओं के साथ बहुत गरीब-गरीब लोग है कोई राशन कार्ड के लिये आता है कोई तो पेंशन के तकलीफ के नाम से आता है तो गरीब कमजोर लोग उस शिविर में चल के आते है और उस शिविर में ऐसे कमजोर लोग के साथ सरकार जो खिलवाड़ कर रही है कतई काफी इसकी घोर निंदा करते है।

जब मीडिया के साथीयों ने पूछा इस घटना के बारे में तो उनको संवेदनशीलता के साथ में की सच्चाई को स्वीकार करके इस मामले की जांच कराने की घोषणा करना था। दोषी अधिकारी की कार्यावाही करने घोषणा किया जाना था। लेकिन मुख्यमंत्री स्वंय इसको राजनैतिक रूप से इतनी बड़ी समस्या से सुर्तुमुर्ग की तरह सिर छिपा कर के समस्या से भागने का प्रयास करके जनता को गुमराह कर रही है। इस बात को हमेशा प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल और ताम्रध्वज साहू के द्वारा आरोप लगाया गया है कि जनसमस्या शिविर ये जो समाधान शिविर लोक सुराज शिविर ये सिर्फ ढकोसला है लोगो के समस्याओं का निराकरण नहीं हो रहा है।

आवेदन दे-देकर लोग गरीब जनता दिनभर अपना काम छोड़कर शिविर में जाते है इस दस्तावेज का फोटो कापी, किसी अन्य और चीजो का फोटो कापी और जा करके जमा करते है उसका दस्तावेज ही यदि उनके पास कार्यवाहीं नहीं करना, उसको अपने रिकार्ड में नहीं लेना और इसको इस तरह से कचरा में फेंक देना यही काम हो रहा समाधान शिविर के माध्यम से एक उदाहरण बताउ पिछले समय में रवेली के शिविर में गया लोक सुराज में 2199 आवेदन सिर्फ प्रधानमंत्री आवास के लिये आया था रवेली शिविर में कलेक्टर भी वहां मौजूद थे तो 2199 में सिर्फ 3 लोगो को आवास देने के प्रकरणों अनुशंसा की उनको किस्त देना है और 2196 प्रकरण आपात्र पाये गये।

इस तरह 2199 प्रकरण का निराकरण कर समाधान हो गया। तो ये इस तरह से गरीब लोगो की भावनाओं के साथ खिलवाड़ हो रहा है, गरीब लोग भीड़ में जा करके धक्के खा रहे है और मुख्यमंत्री सिर्फ राजनीति कर रहे है। सरकारी संसाधनो के माध्यम से वे सिर्फ राजनैतिक प्रचार प्रसार कर रहे है जनता के समस्याओं के निराकरण से उनको कोई लेनादेना नहीं है इस घटना के माध्यम से ही मैं ये बात को कहना चाहूंगा कि पूरे प्रदेश के शिविरो के प्राप्त आवेदनों पर एक श्वेत पत्र जारी करना चाहिये कि मुख्यमंत्री को कि कितने कुल आवेदन किस-किस शिविर में आये है और उस आवेदनो को क्या-क्या निराकरण किया गया ये आवेदनकर्ताओं को पूरी तरह से इसकी जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है, हक है, और ये सरकार के द्वारा इन आवेदनों की जानकारी सारे आवेदनों की दी जाये ये हम लोग मांग करते है।

Opinion Poll
With assembly election ahead With assembly election ahead, well known Digital Media platform clipper28.com has decided to gauge the mood of Chhattisgarh through its own opinion poll. As an aware voter and stakeholder of the democratic process, kindly do answer the following questions so that prevailing mood of state can be ascertained.
Name
Age
Assembly Segment
Phone Number
Which party will emerge as the single largest party?
Which party will win how many seats?
Whom would you like to see as next Chhattisgarh Chief Minister?
Have you witnessed development work in your area?
Do you think that farmers of Chhattisgarh are satisfied with BJP government?
Do you think youngsters are happy with employment scenario created by Chhattisgarh/state government?
Do you think state government has done enough on issue of women empowerment?
Are you satisfied with work done by your legislator? Have electoral promises been fulfilled or not?
Are you satisfied with the amenities provided by the government in your area?
Do you think the state government has successfully tackled naxal menace?
Are you satisfied with work done by different state Ministers?

Please do vote...

ओपिनियन पोल
छत्तीसगढ़ की आगामी विधानसभा चुनाव के लिए डिजिटल मीडिया ‘clipper28.com’ नेसटीक ओपिनियन पोल करनेका निश्चय किया है. अतः आप नीचे दिए सवालों के निष्पक्ष जवाब देंताकि राज्य की आने वाले दिनों की सही सियासी तस्वीर सामनेआ सके. कृपया अपना मत जरूर दें- With assembly election ahead
नाम
विधानसभा क्षेत्र
आयु
फ़ोन नं
विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी कौन सी होगी ?
किस पार्टी को कितनी सीटें मिलेगी?
अगले मुख्यमंत्री के रूप में किसे देखना चाहेंगे?
क्या आपके क्षेत्र में विकास दिखाई पड़ रहा है?
क्या छत्तीसगढ़ का किसान भाजपा शासन से संतुष्ट है?
जो रोजगार छत्तीसगढ़ सरकार ने दिया, क्या उससे युवा वर्ग संतुष्ट है?
राज्य सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए जो किया, उससे महिलाएं संतुष्ट हैं?
क्या आप अपने विधायक से संतुष्ट हैं? उन्होंने अपने वादे पूरे किए या अधूरे हैं उनके काम?
क्या आप अपने क्षेत्र की सरकारी सुविधाओं सेसंतुष्ट हैं?
क्या नक्सली समस्या पर नियंत्रण हुआ है?
क्या प्रदेश के मंत्रियों के कामकाज से संतुष्ट हैं?
-देश हित के लिए मतदान अवश्य करें-
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