‘हीरा दिल’ सावजी भाई ढोलकिया ने हीरा कारीगरों और इंजीनियरों को ​फिर किया खुश

वर्कर्स को कार के साथ 50 लाख का जीवन बीमा भी दिया सूरत के डायमंड किंग ने

सूरत।

अपने दिवाली तोहफों के लिए भारत के कारपोरेट जगत में सुर्खियों में रहने वाले हीरा कारोबारी सावजी भाई ढोलकिया ने इस बार भी अपनी कंपनी में काम करने वाले ‘हीरा कारीगरों और इंजीनियरों’ को दिल खोलकर तोहफे दिए हैं।

उन्होंने 1700 कर्मचारियों को 600 कार और फिक्स डिपॉजिट दिए। ढोलकिया की हरिकृष्णा एक्सपोर्ट कंपनी में इस साल यहां हुए समारोह में गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कर्मचारियों को संबोधित किया। इस कार्यक्रम को स्किल इंडिया इंसेंटिव सेरेमनी शीर्षक दिया गया था।

कंपनी ने एक बयान में कहा कि अपने लॉयल्टी बोनस के हिस्से के तहत कंपनी ने करीब 1700 हीरा कारीगरों और हीरा इंजीनियरों को कार और फिक्स डिपॉजिट के तौर पर प्रोत्साहन राशि दी।

इसमें यह भी कहा गया कि संस्था ने कर्मचारियों को 50 लाख से 1 करोड़ रुपए तक का जीवन बीमा कवर भी दिया है। उन्होंने कहा कि तोहफे में दी गई प्रत्येक कार की कीमत चार से साढ़े चार लाख रुपए थी और उनकी कुल लागत 27 करोड़ रुपए आई है।

एक कर्मचारी को कार के लिए करीब 40 हजार रुपए की डाउन पेमेंट रकम का भुगतान करना होगा जबकि कंपनी बकाया रकम का खर्च उठाएगी।

कंपनी ने पिछले साल कर्मचारियों को तोहफा नहीं दिया था लेकिन 2016 में उसने अपने कर्मचारियों को 400 फ्लैट और 1,260 कारें दी थीं।

वर्ष 2015 में दिवाली के तोहफों के रूप में 491 कार और 200 घर कर्मचारियों को प्रोत्साहन के तौर पर दिये गए।
ढोलकिया ने कहा कि वह चाहते हैं कि उनके करीब 5000 कर्मचारियों में से सबके पास कार और अपना घर हो और दिवाली पर दिए जाने वाले वार्षिक तोहफे यह लक्ष्य हासिल करने का एक तरीका है।

उन्होंने कहा कि लाभार्थियों का चयन कंपनी के लॉयल्टी बोनस कार्यक्रम में उनके क्वालीफाई होने के बाद सॉफ्टवेयर आधारित प्रणाली से किया गया।

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