भूपेंद्र पटेल को गुजरात के नया सीएम चुनने में क्या आनंदीबेन ने जीत ली बाज़ी ?

पहली बार विधायक बने भूपेंद्र पटेल को गुजरात के नए मुख्यमंत्री के रूप में चुन लिया गया. माना जा रहा है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा प्रभावशाली पाटीदार समुदाय को मनाना चाहती है. कोलकाता से छपने वाले टेलीग्राफ़ अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, भूपेंद्र पटेल के नाम पर मुहर लगाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीधी भूमिका रही है. भूपेंद्र पटेल के नाम पर हुए फ़ैसले को गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री और उत्तर प्रदेश की मौजूदा गवर्नर आनंदीबेन पटेल की गृह मंत्री अमित शाह पर बढ़त के तौर पर भी देखा जा रहा है.

साल 2014 में नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री पद के लिए आनंदीबेन पटेल को अपना उत्तराधिकारी चुना था. लेकिन जब आनंदीबेन पटेल को पांच साल पहले इस्तीफ़ा देना पड़ा तो उस वक़्त उनकी विदाई की पटकथा तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने लिखी थी.

गुजरात बीजेपी के एक नेता ने टेलीग्राफ़ अख़बार को बताया, “आनंदीबेन ने तब नितिन पटेल को अपना समर्थन दिया था. लेकिन अमित भाई ने उसे ख़ारिज कर दिया और उन्होंने रुपाणी को चुना.”

गुजरात की राजनीति में रुपाणी ‘अमित शाह के भरोसेमंद’ के तौर पर जाने जाते रहे हैं.

लेकिन इस बार रुपाणी के उत्तराधिकारी के तौर पर चुने गए भूपेंद्र पटेल की पहचान ‘आनंदीबेन के क़रीबी सहयोगी’ की रही है. वे विधानसभा में आनंदीबेन की खाली की गई सीट से चुने गए हैं. रविवार को अपने नाम पर फ़ैसला होने के बाद भूपेंद्र पटेल ने कहा, “मुझ पर आनंदीबेन का आशीर्वाद हमेशा रहा है.”

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