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दिग्विजय करेंगे 3300 किमी की नर्मदा परिक्रमा

भोपाल: कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह 30 सितंबर से मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से राज्य की जीवनदायिनी नदी नर्मदा की परिक्रमा करेंगे. करीब छह महीने तक चलने वाली इस 3,300 किलोमीटर लंबी परिक्रमा के दौरान वह इस पवित्र नदी के दोनों तटों पर रोजाना करीब 20 किलोमीटर पैदल चलेंगे. दिग्विजय के बेटे एवं गुना जिले के राघौगढ़ विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने गुरुवार (28 सितंबर) को बताया, ‘‘मेरे पिताजी नरसिंहपुर में अपने गुरु एवं द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से आशीर्वाद लेने के बाद पवित्र बरमान घाट से 30 सितंबर से ‘नर्मदा परिक्रमा’ करेंगे.’’

जयवर्धन ने कहा, ‘‘साहब (दिग्विजय) इस नर्मदा परिक्रमा को छह महीने में पूरा करेंगे और यह पूरी तरह से धार्मिक एवं आध्यात्मिक यात्रा होगी. इसका राजनीति से कुछ भी लेना-देना नहीं है.’’ उन्होंने बताया, ‘‘मेरा मानना है कि वह इस परिक्रमा के दौरान रोजाना करीब 20 किलोमीटर पैदल चलेंगे.’’ जयवर्धन ने कहा, ‘‘जब भी मुझे समय मिलेगा, मैं भी इस यात्रा में शामिल होऊंगा और अपने पिताजी के साथ पैदल चलूंगा. मेरे चाचा भी इस यात्रा कभी-कभी शामिल होंगे.’’

कांग्रेस नेता दिग्विजय (70) वर्ष 1993 से वर्ष 2003 तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं और वर्तमान में प्रदेश से ही राज्यसभा सांसद हैं. कांग्रेस पार्टी से मिली जानकारी के अनुसार दिग्विजय अपने आध्यात्मिक गुरु स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की सलाह पर इस धार्मिक यात्रा को करने का फैसला लिया है.

वहीं, मध्य प्रदेश सरकार इस पद यात्रा के दौरान दिग्विजय को सुरक्षा मुहैया करायेगी. उनके साथ एक पुलिस अधिकारी भी रहेगा. गौरतलब है कि अगले साल के अंत में मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं. ऐसे में दिग्विजय की इस परिक्रमा के दायरे में मध्यप्रदेश की 230 विधानसभा क्षेत्रों में से 110 सीटें आयेंगी. इसके अलावा, दिग्विजय की यह नर्मदा परिक्रमा गुजरात विधानसभा की 20 क्षेत्र भी आयेंगी और गुजरात में भी इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं. इसलिए लोगों द्वारा दिग्विजय की इस यात्रा को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है.

दिग्विजय पूर्व राघौगढ़ राजघराने के वारिस हैं और राघौगढ़ के किले में पिछले तीन शताब्दियों से इस घराने के लोग दशहरा पर्व को भव्य तरीके से मनाते आ रहे हैं. दशहरे के दिन से अपनी इस नर्मदा परिक्रमा की यात्रा शुरू करने के चलते दिग्विजय पहली बार इस किले में आयोजित की जाने वाली इस समारोह में शामिल नहीं हो पाएंगे.

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