छत्तीसगढ़

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से फेसबुक पर हुआ मतदाताओं से सीधा संवाद

रोशन सोनी

अम्बिकापुर।

छत्तीसगढ़ राज्य में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत मतदाताओं के बीच बेहतर पहुंच बनाने और आगामी विधानसभा निर्वाचन में मतदान के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आज दोपहर 12 से 1 बजे एक घण्टे तक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में फेसबुक लाईव के जरिए मतदाताओं से सीधा संवाद किया गया।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने प्रदेश के मतदाताओं से रूबरू होते हुए उनके द्वारा पूछे गए अनेक सवालों का समाधान भी किया।

फेसबुक लाइव के इस रोचक कार्यक्रम को हजारों लोगों ने देखा और सराहा। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में आगामी विधानसभा निर्वाचन 2018 के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म-फेसबुक के जरिए मतदाताओं से सीधा संवाद करने का यह रोचक कार्यक्रम पहली बार आयोजित किया गया।

भारत निर्वाचन आयोग ने इस कार्यक्रम की सराहना की, वहीं फेसबुक लाइव के कार्यक्रम में अनेक लोगों ने मतदाताओं से सीधा संवाद नामक इस कार्यक्रम को आगे भी आयोजित करते रहने का सुझाव दिया।

प्रदेश के दो हजार से अधिक लोगों ने इस एक घण्टे के फेसबुक लाइव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए इसे देखा और अनेक लोगों ने इसे लाईक और शेयर किया।

मतदाताओं से सीधा संवाद के इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने अनेक सवाल किए, जिनका उत्तर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा दिया गया। प्रमुख रूप से पूछे गए सवाल और दिए गए उत्तर इस प्रकार है :-

प्रश्न-तीन वर्ष से ज्यादा एक ही जगह पर पदस्थ अधिकारियों का स्थानांतरण किया जाना उचित होगा ?

उत्तर-निर्वाचन कार्य से सीधे जुड़े सभी प्रशासनिक, राजस्व, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारियों का स्थानांतरण किया जा चुका है।

प्रश्न-बीएलओ-अभिहित अधिकारियों का मानदेय कब जारी हो रहा है ?

उत्तर-बीएलओ-अभिहित अधिकारियों का मानदेय राशि प्राप्त होते ही जारी कर दी जाएगी।

प्रश्न-फर्जी मतदान रोकने के लिए आयोग की ओर से क्या प्रक्रिया अपनायी गयी है ?

उत्तर-फर्जी मतदान की शिकायत जिला निर्वाचन अधिकारी अथवा निर्वाचन अधिकारी को सीधे किया जा सकता है। इसके अलावा 1950 नंबर पर भी फोन करके शिकायत दर्ज कर सकते हैं। मतदान केन्द्र में प्रत्याशी के एजेंट फर्जी मतदाता पर आपत्ति कर सकते हैं।

प्रश्न-पोस्टल बैलेट से मतदान की प्रक्रिया क्या है ?

उत्तर-पोस्टल बैलेट के लिए फार्म-12 भरना पड़ता है। फार्म-12 भरने पर मतपत्र 13-ए, 13-बी, 13-सी और 13-डी दिया जाता है। 13-ए में घोषणा भरकर उसे राजपत्रित अधिकारी से हस्ताक्षर कराना पड़ता है। मतपत्र में चिन्ह लगाकर उसे 13-बी में डालना पड़ता है। तत्पश्चात 13-बी के लिफाफे और घोषणा पत्र को 13-सी के लिफाफे में भरकर डाक द्वारा रिटर्निंग अधिकारी को भेजना होता है।

प्रश्न- निर्वाचन के दिनांक से पहले डाक मतपत्र कब तक प्राप्त हो जाता है ? क्या डाक पत्र के जरिए वोटिंग समय पर कर सकते हैं ?

उत्तर-डाक मतपत्र मतदान के सात दिन पूर्व तक जारी किए जाते हैं। डाक मतपत्र मतदान के पहले 13-सी लिफाफा में मतगणना से पूर्व प्राप्त हो जाने चाहिए।

प्रश्न-बैलेट यूनिट में एक पार्टी-प्रत्याशी का बटन दबाने पर दूसरे पार्टी-प्रत्याशी को मत मिलता है। क्या यह सही है ?

उत्तर-ऐसा कदापि संभव नही है कि एक प्रत्याशी का बटन दबाने पर दूसरे को वोट पड़े।

प्रश्न-पेड न्यूज का पता कैसे लगाया जाए ?

उत्तर-जिला और राज्य स्तर पर एमसीएमसी टीम है, जो पेड न्यूज की जांच करेंगे। कोई भी समाचार यदि पेड न्यूज पाया जाता है तो प्रत्याशी के खाते में खर्च जोड़ा जाएगा। संबंधित अखबार में छपे पेड न्यूज के संबंध में प्रतिवेदन मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के द्वारा भारत निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा।

प्रश्न-दिव्यांग मतदाताओं के लिए निर्वाचन आयोग की तरफ से क्या सुविधाएं उपलब्ध हैं।

उत्तर-दिव्यांग मतदाताओं के लिए सभी मतदान केन्द्रों में रैम्प बनवाए गए हैं। बहुत से मतदान केन्द्रों में व्हील चेयर रहेंगे। दिव्यांग मतदाता अपने साथ मतदान हेतु साथी ला सकेंगे। ईव्हीएम मशीन में ब्रेल लिपि में बटन क्रमांक अंकित है। ब्रेल मतपत्र भी उपलब्ध होगा।
प्रश्न-दृष्टिहीन व्यक्ति कैसे मतदान कर सकता है ?

उत्तर-दृष्टिबाधित व्यक्ति बैलेट मशीन के बटन के बगल में दिए गए ब्रेल संख्याओं से स्वयं वोट डाल सकते हैं। यदि वे ऐसा करने में भी अक्षम है तो अपने साथ सहयोगी को ले जा सकते हैं।

प्रश्न-बड़ी संख्या में नोटा पर वोट होता है। औसतन 70 प्रतिशत नोटा होने पर क्या कोई न्यायिक कार्यवाही का प्रावधान है।

उत्तर-नहीं। नोटा में कितने भी वोट पड़े। इस संबंध में न्यायिक कार्यवाही का कोई प्रावधान नही है।

प्रश्न-निर्वाचन आयोग में मैं यह निवेदन करना चाहूंगा कि यदि कहीं अधिक मतदाता है तो मतदान केन्द्र तक जाने के लिए गाड़ी की सुविधा करनी चाहिए ?

उत्तर-मतदान केन्द्र तक यदि मतदाता स्वयं के वाहन से जाना चाहे तो 200 मीटर की दूरी तक जा सकते हैं। मतदान करने जाने के लिए मतदाता को आयोग द्वारा वाहन की व्यवस्था नहीं की जाती।

प्रश्न-कई प्रत्याशी प्रचार के दौरान कानून को ताक में रखते हैं तो उसका इलाज क्या है ?

उत्तर-कानून व्यवस्था के लिए पुलिस, केन्द्रीय बल आदि की सुरक्षा व्यवस्था मौजूद रहेगी। यदि उल्लंघन किया जाता है तो कार्यवाही की जाएगी।

प्रश्न-छत्तीसगढ़ ने चुनाव की तिथि व आचार संहिता की तिथि से अवगत कराएं।

उत्तर-यह भारत निर्वाचन आयोग का विषय है।
प्रश्न- सोशलमीडिया पर चलने वाले अनर्गल सामग्रियों पर कहां शिकायत दर्ज करायी जा सकती है?

उत्तर-सोशल मीडिया पर चलने वाले गलत मैसेज के विरूद्ध एमसीसी अर्थात् आदर्श आचरण संहिता के उल्लंघन के तहत जिला निर्वाचन अधिकारी/रिटर्निंग आफिसर के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की जा सकती है।

प्रश्न-27 सितम्बर को मतदाता सूची जारी हो चुकी है। मैं यह जानना चाहूंगा कि किसी का नाम अगर छूट गया होगा तो वोटर लिस्ट में उसे जोड़ा जा सकता है। मेरा दूसरा सवाल यह भी है कि मेरा वोटर आईडी कार्ड में मेरे नाम की स्पेलिंग और जन्मतिथि गलत है। क्या वो अभी ठीक नहीं हो सकता है ?

उत्तर-अभी भी सतत अद्यतनीकरण का कार्य जारी है। आप ऑनलाइन एनव्हीएसपी अथवा ईआरओ के माध्यम से अपना आवेदन फार्म-6,7,8 में प्रस्तुत कर सकते हैं और इसका समाधान भी पा सकते हैं।

-प्रश्न-25 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के नाम मतदाता सूची में कैसे जुड़ पाएंगे ?

उत्तर : किसी भी उम्र के व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में जुड़ सकता है, परन्तु उन्हें उस क्षेत्र का सामान्य तौर पर निवासी होना आवश्यक है तथा एक अतिरिक्त घोषणा पत्र देना जरूरी होता है।

प्रश्न-हर चुनाव में शराब बांटी जाती है, उसे रोकने का क्या उपाय आयोग द्वारा किया जा रहा है ?

उत्तर-शराब बांटने में रोक हेतु फ्लाइंग स्कॉट, स्टेटिक सर्विलेंस टीम, पुलिस आदि लगातार कार्य करेंगे। इस संबंध में शिकायत दर्ज कराने पर तत्काल कार्यवाही होगी।

प्रश्न-कोई भी प्रत्याशी मतदान हेतु भीतर प्रवेश कर सकते हैं क्या ?

उत्तर-प्रत्याशी को मतदान केन्द्र के भीतर प्रवेश के अधिकार हैं, परन्तु वे मतदान प्रकोष्ठ में प्रवेश नहीं कर सकते।

प्रश्न-ईव्हीएम को लेकर लोग अभी भी संतुष्ट नही है। इसका व्यापक प्रचार-प्रसार होना चाहिए।

उत्तर-ईव्हीएम/व्हीव्हीपेट का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। प्रत्येक बूथ के क्षेत्र में ईव्हीएम/व्हीव्हीपेट का प्रदर्शन किया जा रहा है।

प्रश्न-सोशल मीडिया प्लेटफार्म-फेसबुक, ट्विटर पर फेक न्यूज व पेड न्यूज के नियंत्रण हेतु क्या कार्यवाही की जा सकती है ?

उत्तर-फेक न्यूज के लिए आप जिला निर्वाचन अधिकारी/रिटर्निंग आफिसर को शिकायत करने के साथ-साथ टोल फ्री नंबर-1950 पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

प्रश्न-सोशल मीडिया पर पेड पॉलिटिकल एड कर सकते हैं या नहीं ?

उत्तर -सोशल मीडिया में पेड पॉलिटिकल विज्ञापन दे सकते हैं परन्तु इसका खर्च प्रत्याशी के खर्च में जोड़ा जाएगा।

मतदाताओं से सीधा संवाद के फेसबुक लाइव कार्यक्रम में एक प्रतिभागी ने कहा कि इस बार स्वच्छ, निष्पक्ष निर्वाचन हेतु आयोग ने शानदार पहल की है। जिस पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने आयोग की ओर से प्रतिभागी को धन्यवाद ज्ञापित किया।

वहीं एक प्रतिभागी ने कहा कि मतदाताओं से सीधा संवाद का यह कार्यक्रम समय-समय पर फेसबुक लाइव के जरिए करते रहें, ताकि लोगों को सही जानकारी मिलती रहे, जिस पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि इस पहले संवाद की अच्छी प्रतिक्रिया को देखते हुए आगे भी ऐसा संवाद जारी रहेगा।

मतदाताओं से सीधा संवाद नामक इस रोचक फेसबुक लाइव कार्यक्रम के अवसर पर अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी डॉ. एस.भारतीदासन, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी समीर विश्नोई, उप-मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यू.एस. अग्रवाल, सहायक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी पुलक भट्टाचार्य और निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारी एवं सोशल मीडिया विंग के पदाधिकारी उपस्थित थे।

Summary
Review Date
Reviewed Item
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से फेसबुक पर हुआ मतदाताओं से सीधा संवाद
Author Rating
51star1star1star1star1star
Tags