सरकारी आश्वासन के बाद टूटा छात्रों का अनशन

प्रश्न पत्र में त्रुटि पाई गई तो मिलेगा बोनस
मामला बस्तर यूनिवर्सिटी में बीकॉम संकाय का
चार सूत्रीय मांगों को लेकर डटे रहे छात्र

–अनुराग शुक्ला

जगदलपुर. अपनी चार सूत्रीय मांग को लेकर तीन दिन से अनशन पर बैठे बस्तर विश्वविद्यालय के छात्रों ने प्रशासन के आश्वासन के बाद सशर्त अपना आमरण तोड़ दिया है। बताया गया कि छात्रों की मांग के तहत यदि कामर्स की परीक्षा में पूछे गए सवाल प्रशन पत्र में गलत पाए जाते हैं तो इसका बोनस अंक छात्रों को दिया जाएगा। वहीं अन्य मांगों में से एक माह में स्थायी कुलपति और कुलसचिव की नियुक्ति महाविद्यालय में होने की सम्भावन है।

कल देर शाम तक छात्रों और प्रशासन के बीच चली बहस में जहाँ छात्र अपनी मांगों को लेकर अडिग रहे वहीँ पुलिस के आला अधिकारी, तैनात बल सहित छात्रों को इलाज करवाने के लिए चार छात्रों को एम्बुलेंस में बिठाकर जिला अस्पताल ले जाने में कामयाब रहे वहीँ वे चारों छात्र किसी तरह अस्पताल से भाग जाने में भी कामयाब हो गए. देर शाम वे वापस धरने स्थल पर अपनी मांगों को लेकर वापस डट गए।

जानकारी के मुताबिक, कल ही अनशन टूटने वाला था लेकिन छात्रों को प्रभारी कुलसचिव द्वारा दिए गए पत्र में खामी नजर आई जिसमें उत्तर पुस्तिका की जांच करवाने की बात लिखी हुई थी. इस पर छात्रों का कहना था कि जब प्रश्न ही गलत है तो उत्तर पुस्तिका की जांच का क्या मतलब है. आज शाम लगभग तीन बजे छात्रों को पुन: पत्र दिया गया जिसमें प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिका दोनों की जांच राजधानी में करवाए जाने की बात लिखी गयी थी, जिसके बाद अनशन पर विराम लग गया.

युवा शक्ति को गोद में बैठाने की राजनीति

बस्तर विश्वविद्यालय के छात्रों के अनशन को पूरी तरह से राजनीतिक रंग देने का प्रयास रहा। एक तरफ यूथ कांग्रेस, जोगी कांग्रेस और भाजपा के सक्रीय नेता व युवा आयोग के सदस्य भी शामिल रहे। सभी युवा शक्ति को अपनी ओर आकर्षित करने में लगे रहे। सबसे पहले युकां के प्रदेश सचिव सुशील मौर्य ने मंच साजा किया। इसके बाद जब छात्रों पर पुलिस ने सख्ती बरती तो शनिवार को जोगी कांग्रेस के युवा नेताओं को पंडाल को घेरे रखा साथ ही भाजपा के सदस्यों की सक्रीयता बढ़ी। रविवार को जब मामला प्रशासन के पाले मेें चला गया तो फिर युवा आयोग के सदस्य संग्राम सिंह राणा और भाजपा जिला महामंत्री रामाश्रय सिंह ने मामले को अंजाम तक ले जाने में अपनी भूमिका निभाई।

शरबत से टूटा अंशन

मामला शांत हो जाने के पश्चात संग्राम सिंह राणा द्वारा सभी छात्रों को शरबत पिलाकर अनशन समाप्त करने की बात कही गयी. जिस पर सभी छात्र एकमत हुए। इस दौरान तहसीलदार माधुरी सोम, नायब तहसीलदार राम प्रसाद बघेल, नगर पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर, एसडीओपी केशलूर निमेश बरैय्या, कोतवाली थाना प्रभारी इश्वर त्रिवेदी सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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