परीक्षा पर चर्चा: मोदी मंत्र पर बच्चों ने पीएम को दिए 10 में 10 नंबर

पीएम मोदी ने कहा कि ध्यान का एकाग्रचित होना कोई ऐसी चीज नहीं है जिसे विशेष रूप से याद किया जा सके

परीक्षा पर चर्चा: मोदी मंत्र पर बच्चों ने पीएम को दिए 10 में 10 नंबर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परीक्षा पर चर्चा के दौरान छात्रों को सफलता के मंत्र दिए। इस मौके पर पीएम ने छात्रों से कहा उन्हें देश का पीएम न मानते हुए उनकी मार्किंग करें। जिसके बाद एक मित्र के रूप में पीएम मोदी के जवाब के बाद छात्रों ने उन्हें 10 में से दस मार्क्स दिए।
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परीक्षा पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छात्रों के सवाल पूछने से पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए छात्रों को संबोधित करते हुए कई बातें कहीं। पीएम मोदी ने कहा कि 150 करोड़ छात्रों से रूबरू होने का मौका मिल रहा है। ये प्रधानमंत्री का कार्यक्रम नहीं करोड़ों बच्चों का कार्यक्रम है। पीएम ने कहा कि अगर विश्वास नहीं है तो कितनी भी मेहनत करेंगे सफल नहीं हो पाएंगे।

सफलता के लिए आत्मविश्वास जरूरी

बारहवीं की एक छात्रा की तरफ से पूछे गए सवाल कि अगर परीक्षा में नर्वस हैं तो इसका सामना कैसे करेंगे?

इस सवाल के जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि 33 करोड़ देवी देवताओं की पूजा करो लेकिन अगर विश्वास नहीं तो कुछ भी नहीं। मोदी ने कहा कि आत्मविश्वास के बिना सफल नहीं हुआ जा सकता है। पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें खेद है कि वह हर बच्चे की भाषा में बात नहीं कर सकते हैं।

पढ़ाई में ध्यान बंटे तो क्या करें

नोएडा की कनिष्का वत्स का सवाल था कि पढ़ाई में ध्यान बंटे तो क्या करना चाहिए?

इस सवाल के जबाव में पीएम मोदी ने कहा कि ध्यान एकाग्रचित होने के लिए एक्स्ट्रा एक्टिविटी जरूरी है। पीएम मोदी ने कहा कि जब जो करें उसमें तल्लीन होकर करें। पीएम मोदी ने कहा कि खुद को जांचना परखना छोड़ दीजिए। उन्होंने कहा कि जिन चीजों में आपकी बुद्धि नहीं आपका हृदय भी जुड़ जाता है वह चीजें आपके जीवन का हिस्सा बन जाती है। उन्होंने योग का उदाहरण दिया।

पीएम मोदी ने कहा कि ध्यान का एकाग्रचित होना कोई ऐसी चीज नहीं है जिसे विशेष रूप से याद किया जा सके। हर किसी को दिनभर में कुछ चीजों पर अपने ध्यान को एकाग्रचित करना चाहिए। ये चाहे पढ़ाई हो, गाना सुनना हो या फिर दोस्तों से बातें करना हो। पीएम मोदी ने कहा कि अगर किसी चीज पर आपको फोकस करना है तो सबसे पहले डिफोकस करना सीखिए। क्योंकि, डिफोकस किए बिना हम फोकस नहीं कर सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि स्वयं को आप अपने आपको खुला छोड़िये। पीएम ने कहा कि डिफोकस करने के लिए आपको बचपन की जो आदते हैं उनसे कुछ पलों के लिए जुड़िये।

पीएम मोदी ने कहा कि मां-बाप के इरादों को गलत ना समझें बच्चे। उन्होंने कहा कि तनाव दूर करने के लिए कुछ समय के लिए प्रकृति के नजदीक जाइये।

ताड़ासन योग से जुड़ता है शरीर और मन

पीएम मोदी ने कहा कि इमोशन प्रेरणा का सबसे बड़ा प्रेरणा स्त्रोत है। जितनी संवेदना से जुड़ी चीजों से जुड़ते हैं उनका ईक्यू उतनी ही तेज़ी के साथ आईक्यू में बदलता है। उन्होंने कहा कि ताड़ासन योग से शरीर और मन जुड़ता है।

यह कार्यक्रम दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में किया जा रहा है। वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए होने वाली इस चर्चा में देश भर के लाखों छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं। इस संवाद में पीएम मोदी कक्षा 9 से कॉलेज के द्वितीय वर्ष के छात्रों को संबोधित कर उन्हें परीक्षा की तैयारियों के गुर सीखा रहे हैं ताकि छात्रों को तनाव से मुक्ति मिले। इस कार्यक्रम को ‘परीक्षा-एक उत्सव’ नाम दिया गया है।

शिक्षा में भी हो गुरू-शिष्य परंपरा

परीक्षा पर चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि बच्चे माता-पिता से बातें करें। बच्चे दूसरों की बजाय खुद से प्रतियोगिता करें। जब जो करें उसे उसी में तल्लीन होकर करें। ये सोचें कि ज्यादा से ज्यादा पाने के लिए जो हो सके करूं। उन्होंने कहा कि आज भी खेल जगत में गुरू-शिष्य परंपरा है। यह गुरू-शिष्य परंपरा शिक्षा जगत में भी होनी चाहिए।

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