ज्योतिष

ज्योतिष में रोग विचार -आचार्य पं. श्रीकान्त पटैरिया (ज्योतिष विशेषज्ञ)

आचार्य पं. श्रीकान्त पटैरिया (ज्योतिष विशेषज्ञ) छतरपुर मध्यप्रदेश, ज्योतिषीय सलाह के लिए सम्पर्क कर सकते हो, सम्पर्क: 9131366453

कुंडली के प्रथम भाव से शारीरिक कष्टों एवं स्वास्थ्य का विचार होता है। और द्वितीय भाव व्यक्ति के खान-पान का सूचक है। तृतीय भाव से व्यक्ति के प्रारंभिक रोगों का विचार किया जाता है। और कुण्डली के पंचम भाव से विद्या पुत्र पौत्रा दी यो का विचार किया जाता है। और कुंडली के षष्ठ भाव से व्यक्ति के स्वास्थ्य का, रोग उत्पत्ति का विचार किया जाता है। षष्ठ भाव का कारक ग्रह मंगल, शनि हैं।

कुण्डली के सप्तम भाव से जीवनसाथी तथा विवाह सम्बन्ध इत्यादियो का विचार किया जाता है। अष्टम भाव का कारक ग्रह शनि है। इस भाव से आयु, दुर्घटना, मृत्यु और ऑपरेशन आदि का विचार किया जाता है। नवम भाव से धर्म सम्बन्धी विचार किया जाता है। और दशम भाव से पिता तथा कर्म का विचार किया जाता है। ग्यारहवां भाव से आय का विचार किया जाता है। वारवे भाव से खर्च का विचार किया जाता है।

तथा रोग का मूल कारक शनि ग्रह को माना जाता है, रोग को समझने के लिए जन्मकुंडली में इन भावों, और रोग कारक शनि की स्थिति व इस भाव पर पड़ने वाले ग्रहों की स्थिति को समझना अति आवश्यक है। षष्ठ, अष्टम एवं द्वादश भाव के स्वामी जिस भाव में होते हैं उससे सम्बंधित अंग में पीड़ा होती है। किसी भी भाव का स्वामी 6, 8 या 12 वें में स्थित हो तो उस भाव से सम्बंधित अंगों में पीड़ा होती है।

रोगों के कारण-

यदि लग्न एवं लग्नेश की स्थिति अशुभ हो।

यदि चंद्रमा का क्षीर्ण अथवा निर्बल हो या चन्द्रलग्न में पाप ग्रह बैठे हों ।

यदि लग्न, चन्द्रमा एवं सूर्य तीनों पर ही पाप अथवा अशुभ ग्रहों का प्रभाव हो।

यदि पाप ग्रह शुभ ग्रहों की अपेक्षा अधिक बलवान हों।

रोग कब ठीक होगा:-

रोगकारक ग्रह की दशा अन्तर्दशा की समाप्ति के बाद रोग ठीक हो सकता है। लग्नेश, योगकारक ग्रह की दशा अन्तर्दशा प्रत्यन्तर्दशा प्रारम्भ हो जाए, तो रोग से छुटकारा प्राप्त हो सकता हैं। शनि सम्बन्धी रोग से जातक लम्बे समय तक पीड़ित रहता है। यदि राहु किसी रोग से सम्बंधित है, तो बहुत समय तक उस रोग का पता नही हो पाता है। ऐसे में रोग अधिक अवधि तक चलता है।

यदि आप अपनी किसी समस्या के लिए आचार्य पं. श्रीकान्त पटैरिया (ज्योतिष विशेषज्ञ) नि:शुल्क ज्योतिषीय सलाह चाहें तो वाट्सएप नम्बर 9131366453 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

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