राजकीय शोक का अपमान, इस जिले में खुले रहे सभी आंगनबाड़ी केंद्र

राजकीय शोक की घोषणा के आदेश की अवमानना देखने को मिली

गरियाबंद :राज्यपाल स्वर्गीय बलरामजी दास टंडन के निधन उपरांत छत्तीसगढ़ में आज राजकीय शोक की घोषणा के आदेश की अवमानना देखने को मिली .

राजकीय शोक की घोषणा के बाद जहां पूरे प्रदेश में शासकीय कार्यालय बंद रहे ,वहीँ गरियाबंद जिले में आंगनबाड़ी केंद्र रोज की तरह खुले दिखे .

यहां आंगनबाड़ी केंद्र रोज की तरह खुले रहे , बच्चे पढने भी आए .मध्यान्ह भोजन भी बन रहे है.इससे साफ जाहिर होता है कि महिला बाल विकास विभाग को राजकीय शोक से कोई मतलब नही और न ही सार्वजनिक अवकाश का कोई मतलब है.

ये पूरा मामला है गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर विकास खण्ड मुख्यालय का .जहां आज सार्वजनिक अवकाश होने के बावजूद लगभग सभी आंगनबाड़ी केंद्र खुले है.

क्लिपर की टीम ने कार्यकर्ताओं से बात की तो उन्होंने बताया कि उनको इस बात की जानकारी है. स्वर्गीय राज्यपाल अंत्येष्टि संस्कार सम्पन्न होने के वजह से सार्वजनिक अवकाश घोषित है लेकिन उनको अधिकारियों ने यह आदेश किया है कि आज सुपोषण सभा के आयोजन आंगनबाड़ी किया जाना है.

यही वजह है कि अधिकारियों के फरमान का पालन करते हुए सुबह से ही आंगनबाड़ी केंद्र खोल कर संचालित कर रहे है। इस मामले को लेकर जिला गरियाबंद कलेक्टर श्याम धावड़े का कहना है कि आज सार्वजनिक अवकाश है उनको मालूम नही होगा ।

हैरान करने वाली बात यह है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इस बात की बखूबी जानकारी है । ऐसे में सवाल उठता है कि क्या शासन द्वारा जारी आदेश सिर्फ अन्य विभागों के लिए क्या है इससे साफ है राजकीय शोक का सीधा सीधा अपमान महिला एवं बाल विकाश विभाग के द्वारा किया जा रहा है । और अबधिकारी छुपी साधे बैठे है । जहां एक तरफ सभी अधिकारी छुट्टी पर है , सरकारी विभाग बंद वही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपनी सेवा दे रही है।

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