वालंटियर्स की शर्मनाक अदाकारी, प्रशासन की आँख में धूल झोंक कर रहे मनमानी

अरविन्द शर्मा:

कटघोरा: जहाँ इन दिनों कटघोरा शहर कोरोना महामारी के भीषण संकट से जूझ रहा है।प्रसाशन के निर्देशानुसार लोग लाग डाउन होने से घरो में कैद है।जिन्हें पर्याप्त मात्रा में खाने पीने का राशन तक नसीब नही हो रहा है।जिन्हें इस भीषण विपदा में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।लोगो का रोजगार बन्द हो चुका है आय पूरी तरह ठप्प हो चुकी है।जहाँ आमजन के पास आवश्यक सामग्री खरीदने तक के पैसे नही है।वही, ऐसी भीषण विपदा के समय शासन द्वारा चयनित वालेनरियर्स ने मानवता के साथ शासन को भी शर्मसार किया है।वालेनरियर्स के भेष में शासन की आंखों में धूल झोंककर मनमानी करने में लगे हैं।जहाँ इनको संकट के समय आम नागरिको की मदद करनी चाहिए थी वहां ये अपना धंधा चलाने में मशगूल हो गए है।

दरअसल वाक्या कुछ इस प्रकार है शासन द्वारा चयनित वालेनरियर्स को ही जरूरतमन्दों की सेवा के लिए चुना गया है इन्हें जरूरतमन्दों तक आवश्यक सामग्री पहुचाने की जिम्म्मेदारिया सोपी गई है।लेकिन इन वालेनटीयर्सो ने इस जिम्मेदारी का दुरुपयोग कर अपनी आय का साधन बना लिया है।इनको शासन का डर भी नहीं लगा जो किसानों को बेवकूफ बना कर महज 3 रु किलो के दाम में सब्जियों का सौदा कर खरीद रहे हैं और कटघोरा के हाई स्कूल में लाकर जमा कर उन्हें अलग अलग पैकेटों में कीमत निर्धारित कर जरूरतमन्दों तक पहुँचा रहे हैं।

ग्राम जुराली के एक किसान ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हए कहा है कि, शासन द्वारा चयनित गाव के ही वालेनटीयर्स हमारी सब्जियों की खरीदी करते हैं जिसमे सभी सब्जियों के दाम केवल 3 रु ही निर्धारित कर रखे हैं अब तीन रु कीमत मे भला हमें क्या लाभ होगा उसमे तो हमारी लागत भी नही निकल रही।वालेंटियर्स ने किसानों को बताया था कि हम 3 रु में सब्जी खरीद कर निःशुल्क जरूरतमन्दों तक पहुचाते है तो किसानों ने भी 3 रु में सहमति जता दी थी ताकि जरूरतमन्दों तक निःशुल्क सब्जियां मुहैया हो सके।पर जब किसानों को पता चला कि हमसे महज तीन रु में खब्जी खरीद कर ये वालेनटीयर्स महंगे दामो में सब्जियों का विक्रय कर रहे हैं तो किसानों का तिलमिलाना जायज था। तब किसानों ने वालेंटियर्स को कहा आप लोग निःशुल्क सेवा की बात कर रहे थे लेकिन आप तो महंगे दामो में सब्जियों की बिक्री कर रहे हो, तब वालेनरियर्स ने किसानों को ही नसीहत दे डाली सब्जी देना है तो दो वरना सब्जी नही खरीदेंगे।दरअसल ग्राम जुराली मे भारी मात्रा में सब्जी उत्पादन होती है और जो वालेनरियर्स शासन द्वारा निर्धारित है वो भी ग्राम जुराली के है जो कि स्वयं भी सब्जी उत्पादन करते हैं ये लोग इसी बात का लाभ उठा कर अन्य किसानों की सब्जी कौड़ियों के दाम में खरीद रहे हैं।

जहाँ शासन ने जरूरतमन्दों की सेवा के लिए वालेनटीयर्स नियुक्त किये थे वही इनके कारनामो ने शासन के नियमो की धज्जियां उड़ा दी है। अब सवाल यह उठता है कि शासन द्वारा किसानों के लिए उचित कदम उठाया गया था और उद्यान विभाग को किसानों की सब्जियां खरीदने की जिम्मेदारी सौपी गई थी।ऐसे में आखिर किसानों के
साथ हो रहा दुर्व्यवहार का जिम्मेदार कौन है?

Tags
Back to top button