मुंगेली में अवैध प्लाट बेचने कालोनाइजरो के समक्ष जिला प्रशासन नतमस्तक

मनीष शर्मा :

मुंगेली: जिला निर्माण के बाद सिजनेबल किट नुमा जन्मे अवैध कालोनाईजरों (प्लाट कटुवा)के चंगुल में होने के चलते अनेको कास्तकार अपनी बेशकीमती जमीन इन अवैध कारोबारियों के गिरफ्त में आकर कौड़ियो के दाम बेच बर्बाद हो गए है, लेकिन अनेक हवालो से जिला प्रशासन इन अवैध कारोबारियों के शाम, दाम, दंड नीति के आगे नतमस्तक ही रहे है।

अनवरत खबरे छापने के बाद भी कड़ी कार्यवाही नहीं

लगातार अवैध कालोनाईजरों के खिलाफ शिकायत करने या समाचार पत्रो में अनवरत खबरे छापने के बाद भी कड़ी कार्यवाही नहीं की जा रही है। अवैध प्लाटिंग और अवैध कॉलोनी पर जिला प्रशासन ने जिला बनने के बाद से ही चुप्पी साधी हुई है।

मुंगेली को जिला बने अभी लगभग 7 वर्ष से अधिक हो गये परंतु यहां भू-माफियाओं, जमीन दलालों ने शासन प्रशासन के नियमों-कायदों को नजर अंदाज करते हुये उनके ही संरक्षण में अवैध रूप से प्लाटिंग कर तथा अवैध कालोनी विकसित कर जिला प्रशासन, कास्तकारों व भोलीभाली जनता को बेवकूफ बना रहे हैं।

टाउन एण्ड कन्ट्री प्लानिंग के नियमों की धज्जियां

शहर व ग्रामीण में कुछ ही है जो कालोनाईजर का लाईसेंस बनवा पाये है और वे भी टाउन एण्ड कन्ट्री प्लानिंग के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे है, और यदि टाउन एण्ड कन्ट्री प्लानिंग से भी अनुमति मिल गई है तो उनके द्वारा छत्तीसगढ़ नगर पालिका (कालोनाईजर का रजिस्ट्रीकरण, निर्बधन तथा शर्तो) तथा छत्तीसगढ़ ग्राम पंचायत (कालोनाईजर का रजिस्ट्रीकरण, निर्बधन तथा शर्तो) नियमों की धज्जियां उड़ा रहे है और इस पर नगर पालिका, अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय के अधिकारी व जिला प्रशासन के अधिकारी मौन धारण किये हुये है।

ऐसे में हौसलापरस्त ये अवैध कालोनाइजर सरकारी नहरों के रास्तों को निजी बताकर, नजूल की जगह से बलात रास्ता बनाकर अधिकांश प्लाटिंग एवं कालोनी का निर्माण मुख्यालय करही एवं उसके आसपास हो रहा है जिसे प्रशासन की नाक कहा जाता है जहां बहुत सारे विभाग है और जिले के दो महत्वपूर्ण विभाग कलेक्टर और एसपी कार्यालय भी है उसके बाद भी प्लाटिंग करने वाले भू-माफियाओं को इन अधिकारियों का भी भय नही है। इसी कारण कई भू-माफियाओं द्वारा इन अधिकारियों के नाक के नीचे ही कलेक्टर निवास जैसे शब्दों का उपयोग अपने प्रचार में करते है, ताकि वे ग्राहकों को फंसाकर अपना जेबें भर सके।

प्लाट बेचने कई तरह के नाटकीय उपाय

जमीन के दलालों के द्वारा प्लाट बेचने कई तरह के नाटकीय उपाय किये जाते है जिसका कोई अंदाजा नही लगा सकता है अवैध प्लाट कटिंग की शुरुआत में इन लोगो द्वारा कालोनी विकसीत करने, स्कूल, गॉर्डन, मंदिर, भव्य प्रवेश द्वार, लाटरी सिस्टम से लकी ड्रा में लाखो करोड़ो के उपहार के सपने दिखाए गए मगर प्लाट कटुवा गिरोह द्वारा चुना ही लगाया जाता रहा। ऐसे में संबंधित अधिकारियों के द्वारा अपनी निजी सेवा शुल्क लेकर कोई कार्यवाही नही की जा रही है।

मुंगेली में जितने भी कालोनाईजर लायसेंस लिये है और कालोनी विकास कर रहे है उस पर नकेल कसने के लिये जिला प्रशासन को चाहिये कि एक उच्चस्तरीय जांच दल का गठन कर सभी कालोनियों की सूक्ष्म जांच कराये उसके बाद उसमें कुछ कमी है अथवा नही इससे स्पष्ट हो जायेगा सभी कालोनियों का जिला प्रशासन की ओर से जांच टीम गठित कर कालोनियों की सूक्ष्म जांच की जानी चाहिये कि कौन सी कालोनी ने छत्तीसगढ़ नगर पालिका (कालोनाईजर का रजिस्ट्रीकरण, निर्बधन तथा शर्तो) तथा छत्तीसगढ़ ग्राम पंचायत (कालोनाईजर का रजिस्ट्रीकरण, निर्बधन तथा शर्तो) नियमों का पालन किया है या नही।

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