छत्तीसगढ़

क्वारंटाइन सेंटर में जिला प्रशासन ने खर्च किए नौ करोड़, शासन से मिला चार करोड़ स्र्पये

लाकडाउन के दौरान प्रवासी श्रमिकों की दूसरे प्रांत के शहरों से छत्तीसगढ़ वापसी के लिए राज्य शासन ने विशेष ट्रेन चलाई थी। स्पेशल ट्रेन के जरिए श्रमिकों व स्वजनों को वापस लाया गया था।

ब्यूरो चीफ विपुल मिश्रा
बिलासपुर : लाकडाउन के दौरान प्रवासी श्रमिकों की दूसरे प्रांत के शहरों से छत्तीसगढ़ वापसी के लिए राज्य शासन ने विशेष ट्रेन चलाई थी। स्पेशल ट्रेन के जरिए श्रमिकों व स्वजनों को वापस लाया गया था। बिलासपुर के अलावा दुर्ग के रेलवे स्टेशन को प्रमुख स्टापेज बनाया गया था। रेलवे स्टेशन में उतरने के बाद गांव ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था भी की गई थी। क्वारंटाइन सेंटर में दो वक्त का भोजन,नाश्ता व चाय भी दिया गया। इसमें जिला प्रशासन ने नौ करोड़ स्र्पये खर्च होना शासन को बताया था।

बिलासपुर जिले के एक लाख 26 हजार श्रमिकों व स्वजनों की वापसी के लिए सुरक्षित रखने और क्वारंटाइन कराने के लिए जिला प्रशासन ने एक हजार 117 सेंटर की स्थापना की थी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल,पंचायत भवन से लेकर सामुदायिक भवनों को क्वारंटाइन सेंटर में तब्दील कर दिया गया था। सेंटरों में रहने वाले श्रमिकों व स्वजनों को दो वक्त का भोजन,नाश्ता व चाय दिया जा रहा है। यह सब श्रमिकों को फ्री में उपलब्ध कराया जा रहा था। मुफ्त में श्रमिकों को हरी सब्जी से लेकर गरम भोजन दिया जा रहा था। कारण भी साफ था।

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