जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने बलात्कार के मामले में आरोपी को सुनाई सात वर्ष की सज़ा

पृथ्वीलाल केशरी

रामानुजगंज : जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार लूनिया की अदालत ने बलात्कार के मामले में एक आरोपी को सात साल की सजा सुनाई है। न्यायालयीन सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना दिनांक 31 जनवरी, 2017 को ग्राम भेलवाडीह में अभियुक्त ने पीड़िता के साथ ज़बरन दुराचार किया। 31- 01- 2017 को रात्रि लगभग 8 बजे पीड़िता अपनी बेटी बिंदु के साथ अपने घर पर थी। उसी समय अभियुक्त उनके घर पर आया था।

पूर्व से परिचित होने के कारण पीड़िता ने अभियुक्त को घर में बैठाया,उसी समय उसकी बेटी बिंदु शौच हेतु बाहर चली गई। तब अभियुक्त ने पीड़िता को जमीन पर पटक कर उसके साथ जबरजस्ती करने लगा महिला द्वारा अभियुक्त को बार-बार मना करने के बाद भी एक नहीं सुना और अभियुक्त ने पीड़िता के साथ ज़बरन बलात्कार कारित घटना को अंजाम दिया। मां की चीख पुकार सुन उसकी बेटी बिंदु घटना स्थल पर पहुंच कर बीच बचाव की परंतु तब तक बहुत देर हो चुकी था। हो हल्ला के कारण पकड़े जाने के डर से अभियुक्त मौके से फरार होने में सफल रहा।

पीड़ित महिला घटना की सम्पूर्ण जानकारी अपने पति को दी।पति ने पीड़िता के साथ थाने पहुंच कर आप बीती पुलिस को बताई।पुलिस ने आरोपी रामप्रवेश पिता गणेश सिंह मार,उम्र 45 वर्ष,ग्राम जमुआं टांड़ , आरक्षी केन्द्र बलरामपुर के विरुद्ध धारा 376,एवं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3 2-V के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज करते हुए पीड़िता का बयान न्यायालय में दर्ज कराने के साथ ही उसका मेडिकल उपरांत आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

न्यायाधीश अशोक कुमार लुनिया ने सुनवाई के दौरान अभियुक्त को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3 2-V से दोषमुक्त करते हुए भादवि की धारा 376 के तहत दोषी पाय जाने पर अभियुक्त रामप्रवेश को सात वर्ष की कठोर कारावास एवं 500 रूपये की अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अर्थदण्ड की राशि नहीं जमा करने पर अभियुक्त को 07 दिन का कठोर कारावास पृथक से भुगतना पड़ सकता है।

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