सरकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में जिले के कलेक्टर भीम सिंह अव्वल

जितेंद्र जैन

राजनांदगांव।

हाल ही में देश की एक प्रतिष्ठित मैगजीन के सर्वे में जिले के कलेक्टर भीम सिंह को सरकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचा कर उन्हें योजना से लाभान्वित करने के लिये पूरे छतीसगढ़ के जिलों में से नम्बर 1 चुना गया हैं।

उक्त मैगजीन के द्वारा उन्हें राजधानी के होटल बेबीलान में उनके इस काम के लिए पुरस्कृत भी किया गया। राजनांदगांव जिले में जहां से मुख्यमंत्री के सुपुत्र अभिषेक सिंह जी सांसद हैं और जिला मुख्यालय राजनांदगांव विधानसभा के विधायक स्वयं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह हैं।

मुख्यमंत्री के विधानसभा और उनके पुत्र के लोकसभा क्षेत्र का हाल इतना बुरा है जिसकी कल्पना यहां की जनता ने सपने में भी नहीं की थी। पूरे जिले में प्रशासनिक व्यवस्था का बुरा हाल है।

लोग तहसील और एस डी एम आफिस के चक्कर लगा रहे हैं।राजस्व विभाग में यदि आप को कोई काम करवाना हो तो जनाब चपले घीस जायेगी दफ्तरों के चक्कर लगाते लगाते पर आप का काम नही होगा।

जमीनों का सीमांकन कराना तो मानो सपना हो गया।जाति प्रमाण पत्र, भूमि डायवर्सन, जमीन नामांतरण, गैर आदिवासी की जमीन का मामला, भूमि आबंटन जैसे मामलों में आप को सालो लग जायेंगे तब कहि जाकर यहां पदस्थ अधिकारी की नींद टूटती हैं।

इस बात को लेकर जनता में सरकार के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश हैं।पिछले दो चुनाव में जनता ने डॉ. रमन सिंह को जिताया लेकिन इस बार जनता सरकार के कामकाजों से नाखुश हैं।

खास कर सरकारी तंत्र से जिसके जिम्मेदार सीधे तौर पर जिले के कलेक्टर भीमसिंह हैं। जिनका अपने अधीनस्थ विभागों के प्रमुखों पर कोई नियंत्रण नहीं हैं। खासकर राजस्व विभाग राजनांदगांव में पदस्थ तहसीलदार से आम जन परेशान हैं।

इस बात की शिकायत मौखिक तौर पर कई लोगों ने जिलाधिकारी से की पर आज तक कलेक्टर महोदय ने उन्हें शो कार्ड नोटिस जारी नहीं किया।बल्कि वो खुद शिकायत करता से तहसीलदार की ओर से माफी मांगते है। जिसके चलते उक्त महिला अधिकारी के हौसले बुलंद हैं।
चुनावी वर्ष में सरकार ऐसे अधिकारी को अपने जिले में तैनात करती जिसका अपने अधीनस्थ अधिकारी कर्मचारी पर नियंत्रण हो और मूलभूत सुविधाओं के लिये जनता को भटकना ना पड़े लेकिन यहां तो सब उल्टा है।

अगर सरकार ये सोच रही है कि एक मैगजीन के माध्यम से सर्वे करवाकर मुख्यमंत्री के विधानसभा और उनके सुपुत्र के लोकसभा छेत्र के कलेक्टर को पुरस्कृत करके जनता को खुश कर देंगे तो सरकार मुगालते में है। अगर ऐसे अधिकारी चुनाव तक यही रहेंगे तो आने वाले चुनाव में इनकी कार्यशैली से पार्टी को नुकसान होगा।

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