छत्तीसगढ़

जिला अस्पताल की खुली पोल, सिजेरियन डिलीवरी का दावा कर गर्भवती को किया रिफर

प्रकाश यादव:

कसडोल: जिले में स्वास्थ्य सुविधा का क्या हाल है वो किसी से छुपी नही। जिला अस्पताल के द्वारा दावे तो लाख किये जाते है, लेकिन सुविधा नही के बराबर है। आय दिन सुविधा न होने का बहाना कर मरीजो को रिफर कर दिया जाता है।

मामला कसडोल क्षेत्र के पीसीद गाँव की गर्भवती महिला का

ताजा मामला कसडोल क्षेत्र के पीसीद गाँव की गर्भवती महिला का है जिसे प्रसव पीड़ा में कसडोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां उसे रात भर रखा गया और सुबह यह कह कर रिफर कर दिया गया की डिलीवरी सिजेरियन होगी जिसकी सुविधा यहां नही है इसे जिला अस्पताल बलौदाबाजार ले जाये।

परिजनो ने गर्भवती महिला को उसी हालात में जिला अस्पताल बलौदाबाजार लाया गया जहां गर्भवती महिला को आधा घंटा रखने के बाद यह कह कर फिर रायपुर रिफर कर दिया कि बच्चे की डिलीवरी सिजेरियन होगी इसे ले जाइए।

अमोरा गाँव के पास वाहन में ही हो गई महिला की नार्मल डिलीवरी

जिसे परिजनों ने 102 वाहन की मदद से रायपुर ले जाने की तैयारी की लेकिन 10 किलोमीटर जाने के बाद अमोरा गाँव के पास महिला की नार्मल डिलीवरी वाहन में ही हो गई, जिसे सुरक्षित फिर से जिला अस्पताल लाया गया जहां माँ और बच्चे स्वस्थ है।

अब सवाल यह उठता है कि लगातार जिला अस्पताल के द्वारा दावा किया जाता है कि नार्मल डिलीवरी के अलावा स्त्रीरोग विशेषज्ञ आने के बाद सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा अस्पताल में उपलब्ध है। तो सिजेरियन सुविधा होने के बावजूद आज प्रसव पीड़ा में परेशान गर्भवती महिला को क्यो रायपुर रिफर किया गया क्यो उसकी डिलीवरी डॉक्टरों के द्वारा नही की गई।

जबकि कुछ दुर जाने के बाद महिला ने सामान्य तरीके से बच्चे को जन्म दिया ।जब वाहन में सामान्य प्रसव हो गया तो अस्पताल में कोशिस क्यो नही की गई यह मामला साफ तौर पर जिला अस्पताल के मनमानी को दर्शाता है।

इस घटना से यह तो साफ है कि सुविधा केवल कागजो में दिखाने के लिए है जबकि वास्तविकता बिल्कुल उसके विपरीत है। स्वास्थ मंत्री जिस जिले के प्रभारी मंत्री हो और उसका यह हाल तो वाकई यह सोचने वाली बात है।

योजनाए बनती है सभी को लाभ देने के लिये लेकिन स्टाफ की मनमानी व लापरवाही के वजह से जिले में सभी जगह के स्वस्थ सुविधाओ का बुरा हाल है। जिसे उच्चाधिकारियों एव जनप्रतिनिधियो को संज्ञान में लेकर सुधारने की आवश्यक्ता है।

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