छत्तीसगढ़

जिला पंचायत समान्य सभा की बैठक,वन भैंसे की मौत और बिरीघाट पौधारोपण घोटाले पर उठे सवाल

तीन दिनों में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने निर्देश

हितेश कुमार दीक्षित

गरियाबंद। जिला पंचायत समान्य सभा की बैठक में आज बिरीघाट में मनरेगा के तहत् पौधारोपण की जांच को लेकर कई सवाल उठे। जिला पंचायत अध्यक्षा डाॅ. श्वेता शर्मा ने इस मामले में हार्टिकल्चर विभाग के उपस्थित अधिकारी से कई सवाल किये।

उन्होने पुछा कि आखिर छत्तीसगढ के इस जिले में किन्हें ऐप्पल बेर के पौधा रोपण का प्रशिक्षण दिया गया , उन्होने सवाल खड़े किये कि जिस कार्य के बारे में अभी यहा के लोग जानते ही नही वो कार्य मनरेगा के तहत् यहा के मजदुरो से कैसे करवाया गया।

श्वेता शर्मा ने कहा कि मेरी जानकारी के अनुसार ऐप्पल बेर प्लांटेशन कार्य के लिये गुजराती मजदुरो को लाया गया था, उन्होने कहा कि क्या छग में संचालित मनरेगा कार्य दुसरे प्रदेशों के मजदुरों के लिये संचालित किये जाते हैं।

श्वेता शर्मा के अनुसार आखिर नरेगा से ऐप्पल बेर के ही पौधे लगाने का मकसद क्या था, ग्राम सभा की सहमती ली गई थी या नहीं ? अब इन पौधो कि सुरक्षा कौन करेगा।

व्यापक भ्रष्टाचार के जांच की मांग

श्वेता शर्मा के अतिरिक्त सभापति पन्नालाल धु्रव एवं नीरज ठाकुर ने भी बिरीघाट में फलदार पौधे लगाने के नाम पर किये गये व्यापक भ्रष्टाचार के शीघ्र जांच की मांग की। जिला पंचायत के सदस्यो के अनुसार किसी भी मामले में जांच में विलंब से संदेह उत्पन्न होता है।

जिस पर जिला पंचायत सीईओ आर.के. खुटे ने तीन दिनो के भीतर इस मामले में जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश जांच अधिकारीयों को दिये है। उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र अंतर्गत मृत राजकीय पशु वन भैसे श्यामु की मौत को लेकर भी पन्नालाल धु्रव ने सवाल उठाये ,

उन्होने कहा कि चार -चार दिनो तक विभाग के अधिकारीयो कर्मचारियो को वन भैसे की मौत की जानकारी न होना , उनकी निष्क्रियता को दर्शता है। पशुपालन विभाग से डेयरी फार्मिंग के लिये प्राप्त अनुदान के संबंध में भी पुछताछ की गई, सभापति पन्नालाल धु्रव के अनुसार पशुपालको की शिकायत है कि लागलपेट देखकर अधिकारी पशुपालको को अनुदान दे रहे है।

उन्होने कहा की शीघ्र ही सभी पशुपालको को अनुदान मिल जाना चाहिये। पन्नालाल ने कहा कि आवारा पशुओ से किसानो आम नागरीको को परेशानियो का सामना करना पड रहा है इस मामले में विभाग शीघ्र ही कोई योजना बनाये।

समान्य सभा कि बैठक में अगस्त 2018 कि बैठक की कार्यवाही विवरण का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें विभिन्न शासकीय विभागो की समीक्षा प्रस्तुत कि गई , इनमें से लोक निर्माण विभाग तथा वन विभाग का पालन प्रतिवेदन प्राप्त नही हुआ है।

पौधा रोपण का मामला लगातार सुर्खियो में

बिरीघाट पौधारोपण के नाम पर करोड़ों का हेरफेर ग्राम पंचायत बिरीघाट में मनरेगा के तहत् फलदार पौधा रोपण का मामला लगातार सुर्खियो मे है, इस मामले में पुर्व जिला पंचायत सी.ई.ओ. विनीत नंदनवार की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।

योजना पर1 करोड 19 लाख रू खर्च

योजना पर करीब 1 करोड 19 लाख रू खर्च होना बताया जा रहा है , योजना के अनुसार 20 हजार पौधे लगाये जाने थे जिसमें से 12 हजार पौधे ही लगाये जाने की जानकारी मिली है बिना किसी सिंचाई सुविधा व सुरक्षा के रोपित किये गये इन पौधों में से हजारो पौधे सुखकर मर गये हैं।

क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियो के अनुसार पंचायत के अधिकारो का हनन कर अधिकारी व उसके सप्लायर लाखो रूपये हजम कर रफुचक्कर हो गये है। जांच कमेटी गठित बिरीघाट पौधा रोपण घपला मिडिया की सुर्खियो में आने के बाद कलेक्टर श्याम धावडे ने इस मामले में जांच टीम गठित कर दी है।

जांच टीम में जिला पंचायत के परियोजना अधिकारी ए आर सिदार, आरईएस के ईई आरएस नेताम, सिंचाई विभाग के कार्यपालन अभियंता पीके आनंद, उद्यानिकी संचालक मेश्राम के अतिरिक्त मैनपुर जनपद कार्यक्रम अधिकारी रामकुमार कुंजाम शामिल है। इस जाच टीम की जांच कार्यवाही को लेकर भी सवाल खड़े किये जा रहे है।

जांच में देरी से नाराज सदस्य

जिला पंचायत के सदस्य जांच में हो रही देरी से नाराज चल रहे है, डॉ श्वेता शर्मा के अनुसार जांच में विलंब होने से अनेक संदहो को बल मिलता है, परियोजना अधिकारी सिदार के अनुसार सभी अधिकारी एक मत होकर कोई निश्चित समय तय नही कर पा रहे है, जिसकी वजह से जांच में देर हो रही है।

विदित हो कि इस मामले में मनरेगा लोकपाल ने भी ग्राम पंचायत बिरीघाट से जवाब तलब किया है।

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