खाद के स्टॉक में मिली गड़बड़ी, समिति प्रबंधकों को नोटिस जारी

समिति के पीओएस मशीन में उपलब्ध स्कंध 325.91 मैट्रिक टन के विरूद्ध भौतिक रूप से केवल 132.21मैट्रिक टन उर्वरक ही पाया गया।

बलौदाबाजार,16 जून 2021: कलेक्टर सुनील कुमार जैन के निर्देश पर किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हो इसके लिए लगातार कृषि विभाग द्वारा जिलें के विभिन्न सोसायटी एवं निजी कृषि दुकानों का लगातार निरीक्षण कर स्टॉक मिलान किया जा रहा है। इसी तारतम्य मे उप संचालक कृषि संत राम पैकरा ने नेतृत्व में कृषि विभाग की टीम ने पलारी एवं बलौदाबाजार विकासखण्ड के विभिन्न सहकारी समिति तथा निजी उर्वरक विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया गया।

इस दौरान पलारी विकासखण्ड के अंतर्गत सहकारी समिति अमेरा में उर्वरकों के स्टॉक में अनियमितता पाई गयी। समिति के पीओएस मशीन में उपलब्ध स्कंध 325.91 मैट्रिक टन के विरूद्ध भौतिक रूप से केवल 132.21मैट्रिक टन उर्वरक ही पाया गया। कुल 193.70 मेट्रिक टन उर्वरक कृषकों को बिना पीओएस मशीन के ही बेच दिया गया है। जिसका समायोजन समिति द्वारा किया जाना है। इस संबंध में समिति प्रबंधक दुष्यंत कुमार साहू को तत्काल कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। इसी प्रकार सिमगा विकासखण्ड में उर्वरक निरीक्षक सह वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अखिलेश दत्त दुबे द्वारा निजी उर्वरक विक्रय केन्द्रों एंव सहकारी समितियों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान 18 सहकारी समितियों में अनियमितता पाये जाने पर सभी प्रबंधको कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है।

उन्होंने बताया कि सहकारी समिति विश्रामपुर में पीओएस मशीन में उपलब्ध स्कंध 269.579 मैट्रिक टन के विरूद्ध भौतिक रूप से 24.03 मेट्रिक टन तथा सहकारी समिति पौसरी में च्वै के 27.05 मेट्रिक टन उर्वरक के विरूद्ध भौतिक रूप से 0.1 मेट्रिक टन उर्वरक पाया गया। जिन्हें की जवाब-तलब किया गया है। जिले में इसी प्रकार अन्य विकासखण्डों में भी उर्वरक निरीक्षकों के द्वारा समस्त निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रय केन्द्रों में उपलब्ध स्कंध का सत्यापन किया जा रहा है। साथ ही अनियमितता पाये जाने पर कलेक्टर के निर्देश पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

विक्रेताओं को नियमानुसार पीओएस मशीन, बायोमेट्रिक से ही उर्वरक विक्रय करने की समझाईश दी जा रही है। जो भी उर्वरक बिना पीओएस के ही विक्रय किया गया है। उसका शीघ्र ही समायोजन करने के निर्देश दिया गया है। जिससे जिले को आगामी खरीफ हेतु मांग अनुसार उर्वरक उपलब्ध हो सकें। गौरतलब है की शासन के निर्देशानुसार समस्त उर्वरक विक्रेताओं को डीबीटी (उर्वरक) योजनान्तर्गत पाॅस मशीन,बायोमेट्रिक,कंप्यूटर अथवा मोबाईल एप्पलीकेशन में प्रयोग कर उर्वरक विक्रय करने के निर्देश पूर्व में दिए गये है।

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