अपना वोट डाल साथियों को वोट देने प्रेरित कर रहे दिव्यांग लक्ष्मी, रुकमणी और सुनीता

कोरबा: लोकतंत्र की मजबूती के लिए वोट देना कितना महत्वपूर्ण होता है। यह शायद जिले के दिव्यांग मतदाता बखूबी जानते है। लोकतंत्र के महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का जज्बा लेकर दिव्यांग लक्ष्मी नारायण निषाद, रुकमणी बरेठ और सुनीता गुप्ता ने आज सुबह होते ही अपनी-अपनी ट्रायसिकल निकाली और बिना देर किए अपना बहुमूल्य वोट डाल आये।

आमतौर पर जहां कुछ सामान्य मतदाता जो किसी प्रकार से दिव्यांग नही होते वो आज के दिन अपना वोट डाल कर घर में आराम फरमाते है, ऐसे में इन दिव्यांग मतदाताओं द्वारा खुद अपना फर्ज निभाकर अपने दिव्यांग साथियों को वोट डालने की अपील अपने आप में प्रेरणादायक है।

कोरबा जिला के दिव्यांग लक्ष्मी नारायण निषाद ने आज प्रातः ही अपना वोट अपने मतदान केंद्र पम्प हाउस कॉलोनी में डाला। बचपन से ही पैर निःशक्त होने के बावजूद उसने कभी भी मतदान करना नही छोड़ा। हर बार अपना वोट जरूर डालते है। उसने बताया कि कई दिव्यांग साथियों को मतदान केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी नहीं होती, ऐसे साथियों को मतदान केंद्र में व्हील चेयर, रैम्प आदि व्यवस्था के संबंध में बताते हैं।

पोड़ी बाहर वार्ड की सुनीता गुप्ता ने बताया कि वह भी दोनों पैर से निःशक्त है। जब से उसे मालूम हुआ कि मतदान करने से लोकतंत्र मजबूत होता है और दिव्यांगो के लिए विशेष व्यवस्था होती है तब से वह वोट डालने से नही चूकती। अपने ट्रायसिकल से मतदान केंद्र पहुँचकर न सिर्फ वोट डाली। घूम घूम कर वह अपने साथियों को मतदान करने प्रेरित भी कर रही थी।

बुधवारी वार्ड निवासी रुकमणी बरेठ ने बताया कि उसने अब तक तीन बार मतदान किया है। आज अंधरी कछार स्कूल के बूथ में मतदान करने पहुँची रुकमणी ने बताया कि वोट डालकर एक अलग खुशी का अहसास हुआ।कोरबा जिले में कुल 4799 दिव्यांग मतदाता है। इनके लिए जिले में चार दिव्यांग मतदान केंद्र संडेल, झगरहा, अमरपुर और माचाडोली लालपुर में बनाया गया है।

लोकतंत्र के निर्माण में जिले के दिव्यांग मतदाताओं की अहम भागीदारी है। दिव्यांग युवा मतदाता लक्ष्मीनारायण निषाद, सुनीता गुप्ता और रूकमणी बरेठ द्वारा शारीरिक रूप से दिव्यांग होने के बावजूद भी अपने स्वयं कीे ट्राईसायकल में मतदान करने दी जा रही जागरूकता का यह संदेश सराहनीय है।

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