आदर्श आचरण संहिता से आम लोगों को न हो असुविधा अधिकारी रखें ध्यान: सुब्रत साहू

प्रचार सामग्री के साथ 10 हजार रूपए से अधिक राशि रखने पर होगी कार्रवाई

रायपुर: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने कहा है कि लोकसभा निर्वाचन के लिए आदर्श आचरण संहिता लागू होने के बाद अधिकारी इस बात को सुनिश्चित करें कि आम लोगों को इससे किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि आदर्श आचरण संहिता के दौरान अधिक पैसे लाने ले जाने पर निगरानी दलों तथा जाँच केन्द्रों की छानबीन के दौरान आम लोगों को असुविधा हो सकती है। ऐसी स्थति में निगरानी और जांच दल इसे अधिक सुगम और सहज तरीके से करें।

साहू लोकसभा निर्वाचन-2019 के तहत सहायक रिटर्निंग अधिकारियों तथा उप जिला निर्वाचन अधिकारियों के दूसरे समूह के सर्टिफिकेशन कोर्स के अंतिम दिन अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। रायपुर के नवीन विश्राम भवन के ऑडिटोरियम में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी डॉ. एस. भारतीदासन, संयुक्त सीईओ त्रय समीर विश्नोई, डॉ. के. आर. आर. सिंह तथा पद्मिनी भोई साहू सहित निर्वाचन कार्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

प्रशिक्षण के दूसरे और अंतिम दिन आदर्श आचरण संहिता को लागू करने के दौरान किन-किन व्यावहारिक बातों को ध्यान में रखा जाए, इसकी जानकारी दी गई। मास्टर ट्रेनरों ने बताया कि निगरानी दल की जाँच के दौरान प्रचार सामग्री के साथ यदि दस हजार रूपए से अधिक की राशि पाई जाती है, तो जब्ती की कार्यवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त यदि आम नागरिक पैसे लेकर जाए तो उसके लिए अपने पास प्रमाण के रूप में दस्तावेज रखना होगा।

आदर्श आचरण संहिता के दौरान राजनीतिक विज्ञापन निजी सम्पत्ति पर किया जाएगा तो इसकी अनुमति प्रत्याशी को संपप्ति के मालिक से लेनी होगी। साथ ही यदि उस विज्ञापन का खर्च 10 रूपए से अधिक हो तो वह खर्च प्रत्याशी के निर्वाचन व्यय में जोड़ा जाएगा। निर्वाचन की घोषणा के 3 दिवस के भीतर संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत कार्रवाई पूरी की जाएगी।

जिला स्तरीय अधिकारियों के प्रशिक्षण के अंतिम दिन मीडिया सर्टिफिकेशन, मीडिया मॉनिटरिंग, मतगणना, परिणामों की घोषणा, मतदाता जागरूकता कार्यक्रम, मतदान दलों के प्रबंधन सहित अन्य विषयों पर प्रस्तुतिकरण के साथ चर्चा हुई। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रशिक्षण उपरांत सभी सहायक रिटर्निंग अधिकारियों तथा उप जिला निर्वाचन अधिकारियों की परीक्षा भी ली गई , जिसमें निर्वाचन संबंधी सवाल पूछे गए थे।

उल्लेखनीय है कि जिला निर्वाचन अधिकारियों, रिटर्निंग अधिकारियों, सहायक रिटर्निग अधिकारियों तथा उप जिला निर्वाचन अधिकारियों को तीन अलग-अलग चरणों में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनरों ने इलेक्ट्राॅनिक वोटिंग मशीन की कमिशनिंग, संधारण, रख-रखाव एवं मतदान के दौरान सुरक्षा को लेकर विस्तृत जानकारी दी। निर्वाचन के दौरान पेड न्यूज तथा भ्रामक समाचारों की निगरानी के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई ।

सूचना प्रौद्योगिकी के निर्वाचन प्रक्रिया में बढ़ते उपयोग तथा निर्वाचन के दौरान उपयोग में आने वाले आईटी एप्लीकेशनों की जानकारी दी गई। सुविधा, सुगम, समाधान, सी-विजिल, सी-टाप्स जैसे आईटी एप्लीकेशनों के अधिकतम और बेहतर उपयोग के लिए टिप्स दिए गए। मतदाता जागरूकता के लिए हर स्तर पर अभियान चलाए जाने पर जोर दिया गया। सर्टिफिकेशन कोर्स में अधिकारियों को मतदान के दौरान दिव्यांगों के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं पहले ही सुनिश्चित किए जाने को कहा गया। इस अवसर पर सीईओ सुब्रत साहू ने अधिकारियों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करने तथा अपने मताधिकार का बिना किसी भय या प्रलोभन के प्रयोग करने की शपथ दिलाई।

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