घर में भूलकर भी ना लगाएं ये वृक्ष नहीं तो उठानी पड़ सकती है परेशानी

घर में बच्चे की किलकारी ना गुंजना, वास्तु दोष की निशानी हो सकती है

हर कोई चाहता है कि घर में हमेशा सुख-शांति का माहौल रहे, उसके लिए वह हर दिन प्रयास करता है, कई त्याग करता है। वास्तु द्वारा हम अपने भाग्य को, जितना हो सके उतना खुशहाल बनाने की कोशिश करते हैं।

आपको किस तरह की परेशानी लगतार बनी हुई है, इसके लिए हम आपको बताते हैं कि आपके घर में वास्तु दोष कहां है। अब आपकी परेशानी है आपके वास्तु दोष को खत्म करेगी। वास्तु से जुड़ी ये बातें एकदम बेसिक हैं जो जाननी चाहिए…

घर में बच्चे की किलकारी ना गुंजना, वास्तु दोष की निशानी हो सकती है। ऐसा तभी होता है, जब आपके मकान का मध्य भाग सही ना हो या वो उठा हुआ हो।

घर के इस भाग को सही कराएं, जिससे आपकी समस्या का अंत हो। साथ ही घर में कभी भी कीकर का वृक्ष ना लगाएं।

क्या आपकी लगातार आर्थिक स्थिति खराब बनी हुई है, साथ कई परेशानियां आपके चिंता का कारण बनी हुई है।

वास्तु के अनुसार, इसका मुख्य कारण नैऋत्य कोण में घर का मुख्य द्वार होना है। इसके लिए आपको मुख्य द्वार सही करवाना होगा।

दक्षिण और पश्चिम दिशा के मध्य के स्थान को नैऋत्य दिशा का नाम दिया गया है। इस दिशा पर निरूति या पूतना का आधिपत्य है। ज्योतिष के अनुसार राहू और केतु इस दिशा के स्वामी हैं।

कर्ज से आपको मुक्ति नहीं मिल रही है तो इसके लिए आपका वायव्य कोण में दोष हो सकता है। साथ ही इस स्थान में दोष होने से पड़ोसियों, मित्रों और संबंधियों से बुरे संबंधों का कारण बनता है।

उत्तर और पश्चिम दिशा के मध्य के कोणीय स्थान को वायव्य दिशा का नाम दिया गया है।

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