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सरकारी एंबुलेंस में पेट्रोल नहीं होने से पिता के सामने ही बेटी की निकली जान

एक बार फिर यूपी में सरकारी योजनाओं की पोल खुल गई और एक बेटी ने अपने पिता की गोद में दम तोड़ दिया।

वजह सरकारी एंबुलेंस में तेल नहीं था जिससे बीमारी से तड़प रही बच्ची को ठीक समय पर अस्पताल नहीं ले जाया जा सका। घटना यूपी के चंदौली जिले की है।

बड़े दावों के साथ यूपी सरकार द्वारा शुरू की गई 108 नंबर की एंबुलेंस में तेल न होने से गंभीर रूप से बीमार किशोरी ने शनिवार को शहाबगंज के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर दम तोड़ दिया।

बालिका को पीएचसी से जिला चिकित्सालय रेफर किया गया था, लेकिन एंबुलेंस में तेल नहीं था।

स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से लोगों में नाराजगी व्याप्त हो गई। अरारी गांव निवासी दुर्गा की पुत्री इंद्रा (14) कई दिनों से बीमार चल रही थी।

शनिवार को तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर परिवार वाले उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर ले गए।

पर्ची कटाने के बाद बालिका को प्रभारी चिकित्सक डा. ज्ञान प्रकाश को दिखाया गया। चिकित्सक ने प्राथमिक जांच के बाद उसकी हालत गंभीर देख जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया।

दुर्गा बीमार बेटी को लेकर अस्पताल में खड़ी 108 नंबर एंबुलेंस के पास पहुंचा और चालक से चंदौली चलने के लिए कहा।

आरोप है कि मौजूद चालक ने एंबुलेंस में तेल नहीं होने की बात कही। तब तक बालिका तड़पती रही। काफी देर के बाद एंबुलेंस में तेल डाला गया, लेकिन तब तक बालिका ने दम तोड़ दिया।

पिता दुर्गा ने बताया कि यदि एंबुलेंस समय से उसकी पुत्री को लेकर जिला अस्पताल निकल जाती तो शायद उसकी बेटी की जान बच जाती ।

इस संबंध में प्रभारी चिकित्सक डा. ज्ञान प्रकाश ने बताया कि 108 नंबर एंबुलेंस का संचालन लखनऊ से होता है। गाड़ी को कार्ड मिलता है। उसी के द्वारा ही उनमें तेल भरा जाता है।

सीएमओ पीके मिश्र ने कहा कि गाड़ियों में तेल पर्याप्त मात्रा में रहता है। बालिका की मौत बीमारी के कारण हुई होगी।

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