ढेलवाडीह बायपास में नही है सुरक्षा के इंतजाम

कटघोरा में अभी सड़को का जाल बिछाया जा रहा।भारी वाहनों के लिए बायपास बन जाने से दूरी भी कम हुई है और शहर अंदर प्रवेश होने से भारी वाहनों को निजात मिला। शहर में केवल एक ही मार्ग होने से अक्सर जाम की स्थिति बन जाती थी। भारी वाहनों के आवागमन से मुख्यमार्ग भी जर्जर हो चुका है।

यहाँ बने चौराहे से कोरबा, कुसमुंडा, पेंड्रा तथा बिलासपुर जाने के लिए बायपास बना है। जो बेहद ही सुगम मार्ग होने के साथ लोगो के समय की भी बचत कर रहा। लेकिन मार्ग सुरक्षा की दृष्टि से देखा जाए तो सुरक्षा इंतजाम कहीं नजर नही आते। चौराहों के बीच मे चौक निर्माण नही होने से अक्सर विपरीत दिशा से आ रहे वाहन दिखाई नही पड़ते और खतरा बना रहता है।

यहाँ बने चौराहों से सैकड़ो वाहनों का प्रतिदिन होता है आवागमन। यहाँ प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर कोई इन्तजाम अभी तक नहीं किये हैं कुछ दिनों पहले तक ट्रेफिक के जवान नजर आते थे पर अब तो वो भी नही दिखाई पड़ रहे।

पूर्व में भी इस चौराहे पर कई घटनाएं हो चुकी हैं। सिटिबस दुर्घटनाग्रस्त होने के साथ ही कटघोरा अस्पताल से रिटायर्ड पूर्व BMO मिश्रा भी हो चुके है दुर्घटना के शिकार। स्थानीय निवासियों से जब पूछा गया तो उन्होंने बताया कि चौक नही बनने से खतरा हमेशा बना रहता है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी नही हैं जिसके चलते कभी भी दुर्घटनाये हो सकती हैं।

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