छत्तीसगढ़

शहीद गुंडाधूर का विरोध नहीं, बलिराम जी या भंजदेव जी के नाम पर हो विमानतल – संग्राम राणा

- विजय पचौरी जगदलपुर

जगदलपुर. जगदलपुर के निर्माणाधीन विमानतल का नाम बलिराम कश्यप अथवा प्रवीर चन्द्र भंजदेव के नाम पर होने का सुझाव युवा आयोग सदस्य संग्राम सिंह राणा ने दिया है. उनका कहना है की दोनों ही शक्सियत बस्तर में युगों-युगांतर तक जाने जाते रहेंगे. इधर शहीद गुंडाधूर के नाम का विरोध नहीं करने की बात भी उन्होंने कही है.

स्व. बलिराम कश्यप ने नगरनार स्टील प्लांट की सौगात बस्तर को दी थी, इसी के चलते जगदलपुर शहर, देश-दुनिया से आज विमान सुविधा के नाम पर जुड़ने जा रहा है. अगर नगरनार के स्टील प्लांट की नीव रखी ही नहीं गयी होती तो आज विमानतल की सौगात भी लोगों को नसीब नहीं होती.

सांसद रहते हुए श्री कश्यप ने अपने संसदीय क्षेत्र में विकास की झड़ी लगा दी थी और भरपूर प्रयास किया फिर चाहे वो मेडिकल कॉलेज का विषय हो या फिर रेल लाइन का, जो की अब मूर्तरूप लेने लगी है. उन्होंने कहा कि प्रवीर चन्द्र भंजदेव ने बस्तर की जनता के लिए बहुत कुछ किया है.

बस्तर के लिए उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दे दी, जिसे बस्तर की जनता कभी नहीं भूल पायेगी. आज भी भंजदेव का जब-जब नाम आता है तब-तब बस्तर के इतिहास के पन्नों से उनकी कुर्बानियां लोग याद करते हैं.

संग्राम ने कहा कि उक्त दोनों का नाम बस्तर के इतिहास में सुनहरे पन्नों पर लिखा गया है, दोनों में से किसी एक के नाम पर विमान तल का नाम होना चाहिए. राणा ने शहीद गुंडाधूर के नाम के विषय में कहा कि वे इसका विरोध नहीं कर रहे हैं, परन्तु उक्त दोनों का नाम होने का सुझाव उन्होंने दिया है.

बस्तर के पूर्व कलेक्टर अमित कटारिया द्वारा विमानतल को शुरू करने के प्रयासों को भी संग्राम ने याद किया. उन्होंने सुझाव देते हुए कहा की आगामी भविष्य में शहर के बाहर नकटी सेमरा में नया विमानतल वृहद् स्तर पर बनना चाहिए, जिसके लिए पूर्व कलेक्टर ने भी बहुत योगदान दिया था.

इसको लेकर राणा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीजापुर प्रवास के दौरान उनसे मिलने वाले हैं जिसमें विमानतल के नाम के विषय में चर्चा होगी.

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