इन छोटे-छोटे टिप्स से करें घर को प्रदूषण मुक्त

सांस और त्वचा संबंधी इन्फेक्शन व बीमारियों से बचाएं

बढ़ते प्रदूषण के चलते दिनों-दिन लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हैं। साथ ही जिससे सांस और त्वचा संबंधी इन्फेक्शन व बीमारियों से ग्रसित होने की आशंका बढ़ गई हैं।

लोगों को हमेशा से लगता हैं कि प्रदूषण घर के बाहर ही होता हैं, जो बिलकुल गलत हैं। हाल ही में हुए शोध में बताया गया हैं कि हर साल लगभग 43 लाख लोग घर के अंदर होने वाले प्रदूषण के शिकार हो रहे हैं। ऐसे में अब घर के अंदर का वातावरण साफ रखना भी बहुत जरूरी हैं।

आज आपको कुछ ऐसे ही छोटे-छोटे टिप्स देने वाले हैं, जिससे आप घर के अंदर की हवा शुद्ध होगी और आप कई इन्फेक्शन और बीमारियों से बचे रहेंगे।

नियमित करें साफ़-सफाई

घर में कीड़े-मकोड़े और धूल मिट्टी आने से प्रदूषण बढ़ जाता हैं इसलिए घर की नियमित साफ सफाई बेहद जरूरी हैं। पर्दें, कालीन, रसोई और बाथरूम की सफाई का भी खासतौर पर ध्यान रखें।

हर्बल गार्डन और ग्रीन स्पेस

घर को ईको-फ्रेंडली और पॉल्यूशन फ्री बनाने के लिए हर्बल गार्डन और ग्रीन स्पेस बनवाएं। इससे न सिर्फ घर का वातारवरण शुद्ध रहता हैं बल्कि इनमें आप समय-समय पर अपनी इच्छानुसार बदलाव भी कर सकते हैं।

किचन को रखें क्लीन

घर में किचन एक ऐसी जगह हैं, जहां सबसे ज्यादा पॉल्यूशन होता हैं। सब्जी छौंकने से लेकर पकाने तक का धुआं रसोई से ही निकलता हैं। ऐसे में रसोई के प्रदूषण को बाहर निकालने के लिए एग्जॉस्ट फैन या चिमनी का इस्तेमाल करें। प्रदूषण फ्री रखने के लिए किचन में एअर प्युरिफायर लगाएं।

सौर ऊर्जा का करें इस्तेमाल

ईको-फ्रेंडली वातावरण के लिए घर में ऐसे उपकरण लगाएं, जिससे बिजली की खपत कम हो। इनके मेंटीनेंस का खर्च भी ना के बराबर होता हैं और इससे घर में प्रदूषण भी नहीं होता। इसके लिए आप सौर ऊर्जा का भी पूरा इस्तेमाल कर सकते हैं।

इंडोर प्लांट्स से मिलेगी फ्रेश एयर

घर के वातावरण को पॉजिटिव बनाने के लिए डेकोरेशन में इंडोर प्लांट्स को अहमियत दें। आप एनवायरनमेंट फ्रेंडली प्लांट्स से भी घर के वातावरण को शुद्ध कर सकते हैं। घर में पर्याप्त ऑक्सीजन और ताजी हवा के लिए घर के अंदर हरे-भरे पौधे लगाएं।

वुडन फ्लोरिंग
घर को बनवाते समय सिरेमिक टाइल्स, मार्बल और पत्थर लगवाने की बजाए वुडन फ्लोरिंग करवाएं। इसके अलावा आप घर के किसी हिस्से में वुडन फ्लोरिंग बनवा सकते हैं।

रोशनी और हवादार घर

प्रदूषण फ्री रखने के लिए घर में रोशनी और दवा के लिए खिड़कियां व रोशनदार बनवाएं। आप चाहें तो इसमें रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, सोलर वाटर हीटिंग सिस्टम, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट आदि तरीकों पर भी फोकस कर सकती हैं।

इन बातों का भी रखें ध्यान
-इस बात का ध्यान रखें कि परिवार का कोई भी सदस्य घर में सिगरेट या बीड़ी न पीएं।
-घर की खिड़कियों को रोजाना कम से कम 5-10 मिनट तक खुली रखें। इससे घर में ताजी हवा आएगी।
– घर की दीवार में दरार भी प्रदूषण के लिहाज से नुकसानदेह हो सकती है। छत या दीवार में दरार से कमरों में सीलन आती हैं।
-अगर आप घर में पेंट करवाने की सोच रहें हैं तो उसे कुछ दिनों के लिए टाल दें। बढ़ते पोल्यूशन के कारण इसका बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता हैं।
-घर में क्रॉस वेंटिलेशन जरूर लगावाएं। इससे घर में फ्रेश हवा आएगी और इससे प्रदूषित हवा का भी आप पर कोई बुरा प्रभाव नहीं होगा।
-सर्दियों में स्मॉग से बचने के लिए अच्छी क्वालिटी का हीटर इस्तेमाल करें क्योंकि तारों से भी वायु प्रदूषण फैल सकता हैं।

1
Back to top button