दो टूक (श्याम वेताल): राहुल और उनकी टीम ने चूलें हिला दी हैं भाजपा की

पवार का यह भी मानना है कि कांग्रेस देश की अकेली ऐसी के लिए से पार्टी है जो भाजपा को चुनौती दे सकती है और खुशी की बात यह है कि राहुल गांधी पूरेदेश का दौरा कर रहे हैं और देश के सामने आने वाले गंभीर मुद्दों को समझने का प्रयास कर रहे हैं।

Vetal-Sir
श्याम वेताल

राजनीति में 50 साल पूरा कर चुके राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता शरद पवार ने पिछले दिनों एक इंटरव्यू में कहा कि कांग्रेस के अच्छे दिन आ सकते हैं। उनका मानना है कि राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस बदल रही है। पवार का यह भी मानना है कि कांग्रेस देश की अकेली ऐसी के लिए से पार्टी है जो भाजपा को चुनौती दे सकती है और खुशी की बात यह है कि राहुल गांधी पूरेदेश का दौरा कर रहे हैं और देश के सामने आने वाले गंभीर मुद्दों को समझने का प्रयास कर रहे हैं।

राजनीति में आधी सदी का अनुभव रखने वाले एक ऐसे नेता जो कांग्रेस में ना होते हुए भी कांग्रेस के बेहतर भविष्य की उम्मीद जता रहे हैं तो मानना पड़ेगा कि राहुल के नेतृत्व वाली कांग्रेस में कुछ तो ऐसा घट रहा है जो बड़े-बड़े नेताओं प्रभावित कर रहा है। राष्ट्रवादी पार्टी के मुखिया होने के नाते वे कांग्रेस एवं राहुल के खिलाफ भी बोल सकते थे, नहीं तो कम से कम यह तो कह ही सकते थे कि कांग्रेस पहले से बेहतर हुई है लेकिन दिल्ली अभी दूर है। लेकिन ऐसा कुछ न कह कर पवार को कांग्रेस के अच्छे दिन ही क्यों दिख गए।

इसके दो कारण हो सकते हैं पहला तो यह कि कांग्रेस के अध्यक्ष पद की कुर्सी पर बैठने के बाद राहुल के तेवर भी बदले हैं और काम का तरीका भी बदला है। हर मुद्दे पर अपनी राय भी देने से नहीं हिचक रहे हैं इसके अलावा राहुल देश के अन्य हिस्सों में भी जा रहे हैं। दूसरा कारण यह हो सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आलोचना का दायरा बढ़ता जा रहा है। संसद में और  उसके बाहर भी लोगों ने उन पर उंगली उठानी शुरू कर दी है। मोदी जी के बड़बोलेपन को लोग अब पचा नहीं पा रहे हैं। भ्रष्टाचार का खात्मा करने का संकल्प लेने वाले नरेंद्र मोदी के 4 साल के राज में भ्रष्टाचार बढ़ा नहीं तो रुका भी नहीं है। यह ठीक है कि उनका और उनकी मंत्रिपरिषद का दामन साफ है लेकिन अन्य क्षेत्रों में ऐसा कोई दावा नहीं किया जा सकता। बैंकों का पैसा लूट कर विदेश चला जाना, बैंकों का उधार न लौटाना, बैंक अफसरों की बड़े लोगों पर मेहरबानी भी भ्रष्टाचार का ही एक रूप है। बैंक वालों की कर्ज वसूली के लिए घरानेंदारों के प्रति दरियादिली और किसानों, गरीबों के प्रति क्रूरता के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है।

हम नहीं कहते कि सरकार जिम्मेदार है लेकिन व्यवस्था तो कटघरे में हैं और व्यवस्था में अराजकता के लिए तो सरकार ही जिम्मेदार होगी। यूपीए का शासन काल में हुए हर घोटाले के लिए आप लोग मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी को जिम्मेदार बताते रहे और देश की जनता को गुमराह करते रहे। अब आपके सावधान होने की बारी है। आपने अच्छे दिनों का सपना दिखाया, 15 लाख की लालच दी, महंगाई को काबू में लाने का झांसा दिया- नतीजा क्या रहा ? आज पूरा देश आपकी ओर सवालिया आंख से देख रहा है और आपका मुंह बंधा हुआ है।

शरद पवार को कांग्रेस के अच्छे दिन आते दिख रहें हैं पर भाजपा की प्रतिक्रिया हो सकती है कि वे विरोधी है इसलिए ऐसा कह रहे हैं लेकिन शिवसेना के संजय राउत ने भी कहा है कि इस समय देश में 2014 जैसी मोदी लहर नहीं है और 2019 के चुनाव में भाजपा को पहले से करीब 70 सीटें कम आ सकती है. शिवसेना तो केंद्र और महाराष्ट्र में भाजपा के साथ है. फिर उसके नेता की विपरीत टिपण्णी का क्या अर्थ निकला जाय !

अभी भी साल भर का समय है, कुछ ऐसा करके दिखलाइए यह लोगों का विश्वास आप के प्रति दोबारा बने। आधे से ज्यादा मिडिया इस समय आपकी वंदना से बच रहा है और मुखालफत की ओर बढ़ रहा है। संभालिए अपने राज पाट को वरना आपके अच्छे दिनों पर कांग्रेस एवं अन्य दल कब्जा कर लेंगे और जनता अपनी ओर से उनका पूरा सहयोग करेगी।

इतना ही नहीं मौजूदा साल के आखिर में हिंदी पट्टी के जिन तीन राज्यों में चुनाव होने हैं वहां भी आपकी पार्टी की सत्ता जा सकती है। तीनों राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने सत्तारूढ़ दल की चूलें हिला कर रख दी है। राहुल गांधी के जांबाज सिपाही अशोक गहलोत ज्योतिरादित्य सिंधिया और पीएल पुनिया क्रमशः तीनों राज्य में भाजपा का धुआं उड़ा रहें है। छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में 15 साल शासन डगमगा रहा है। राजस्थान में तो वसुंधरा राज पर काले बादलों का साया फैल ही चुका है।

राजनीति में दखल रखने वाले विद्वानों का मानना है कि अध्यक्ष पद पर स्वीकार करने के बाद राहुल गांधी तेजी से परिपक्वता की ओर बढ़ रहे हैं और अपनी टीम को भी बेहतर मार्गदर्शन कर रहे । जबकि भाजपा में सब कुछ पहले जैसा ही चल रहा है। सत्ता का नशा सबके ऊपर चढ़ा हुआ है और सभी आत्ममुग्ध हैं।</>

new jindal advt tree advt
Back to top button