करियर को लेकर क्या आपके बच्चे भी है कंफ्यूजन में तो ऐसे करे मदद

वह करियर जैसा बड़ा फैसला ले सकें

स्कूल की पढ़ाई पूरी होने के बाद अक्सर बच्चे अपने सब्जेक्ट्स को सलैक्ट करने में कंफ्यूज रहते हैं। वह जल्दी समझ नहीं पाते कि उन्हें कौन से सब्जेक्ट्स चुनने चाहिए और कौन से नहीं।

कई बार तो इस कंफ्यूजन का कारण होता है कि वह इस उम्र में इतने समझदार नहीं होते कि वह करियर जैसा बड़ा फैसला ले सकें। जिससे कई बार तो कुछ बच्चे अपने दोस्तों और आस-पास के लोगों को देखकर कंफ्यूज रहते हैं।

ऐसे में बच्चों का करियर बनाने के लिए पेरेंट्स को उनकी मदद करनी चाहिए ताकि उनका बच्चा करियर के लिए कोई गलत फैसला न लें। आइए जानिए पेरेंट्स को इस मामले में बच्चों की किस तरह मदद करनी चाहिए?

1. पेरेंट्स इस तरह करें बच्चों की मदद

बच्चे का करियर बनाने के लिए सबसे पहले तो पेरेंट्स को भी करियर के अलग-अलग विकल्पों की जानकारी हो सकें। पेरेंट्स को बच्चों की करियर के लिए मदद करने से उसके रिजल्ट को जानना चाहिए और देखना चाहिए बच्चे के किस सब्जेक्ट में मार्क्स ज्यादा है ।

उन्हें यह भी देखना चाहिए बच्चे का किसमें ज्यादा इंटरेस्ट है। अगर बच्चे को 2 या 2 से ज्यादा चीजों में इंटरेस्ट है तो उन्हें उनमें से किसी एक विषय को खास करियर के लिए चुननें को बोलें और बाकी सबजेक्ट्स को अपने शौक या एक्स्ट्रा क्वालिटीज के रूप में सीखने को कहें।

अगर फिर भी बच्चा कंफ्यूज रहे तो किसी करियर काउंसलर से अपने बच्चे का एप्टीट्यूड टेस्ट करवाएं ताकि उसके मन से पूरी तरह से कंफ्यूजन खत्म हो जाए।

2. जब आपको बच्चे का फैसला गलत लगे

अगर आपको लगता है बच्चा करियर को लेकर गलत फैसला ले रहा है तो ऐसे में बच्चे को प्यार से समझाएं कि करियर से जुड़ी सभी संभावनाओं के बारे में पता कर लें।

कई बार ऐसा भी हो सकता है बच्चे का फैसला सही हो और आपको गलत लगता हो। ऐसे में आप बच्चे को किसी करियर काउंसलर से मिलवाएं। अगर करियर काउंसलर भी उस फैसले को गलत बताता है तो बच्चे को समझाएं ताकि बच्चे को आगे जा कर परेशानी न हो।

3. बच्चे पर दबाव न डालें

कई बार कुछ बच्चे की सोच अपने पेरेंट्स से मेल नही मिलती। ऐसे में पेरेंट्स बच्चों को किसी और लाइन में भेजने को कहते रहते हैं और बच्चों का इंटरेस्ट किसी और चीज में होता है।

इस तरह की सिच्युएशन में बच्चे दोनों ही तरह से फैसले पर खरे नहीं उतर पाते और बाद में असफल ही होते हैं। इसलिए बच्चे पर करियर चुनने के चक्कर में दबाव नहीं डालना चाहिए।

Back to top button