क्या आप जोड़ों के दर्द से है परेशान, तो जरूर अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

महिलाओं को इनकी जरूरत नहीं क्‍योंकि मौसम का बदलता रुख उनके दर्द का पहले ही आगाह कर देता हैं।

आपने अपने घर में बड़े-बूढ़ों को जोड़ों के दर्द से करहाते होते देखा ही होगा। यह दर्द सर्दियों के दौरान और भी बढ़ जाता है। जी हां बदलते मौसम, हवा में हल्की-हल्‍की ठंडक, सुबह में थोड़ी सी ठिठुरन रात में जकड़ता बदन से पता चल जाता है कि बस सर्दी आ ही गई।

ये सभी ठंड के अहसास हमें मौसम के बदलते मिजाज के बारे में बताते हैं लेकिन कुछ महिलाओं को इनकी जरूरत नहीं क्‍योंकि मौसम का बदलता रुख उनके दर्द का पहले ही आगाह कर देता हैं। किसी जोड़ों के दर्द से पीड़ित महिलाओं से पूछिए कि कैसे उनका दर्द बढ़ते ही बदलते मौसम की आहट दे देता है।

आज के समय ज्यादातर लोग खासतौर पर लेडीज को जोड़ों के दर्द की शिकायत ज्‍यादा रहती है। यूं तो यह समस्या एक उम्र के बाद जोड़ों में लुब्रीकेशन और कैल्शियम की कमी के कारण होती है।

लेकिन आजकल की खराब लाइफस्‍टाइल, लंबे समय तक बैठकर काम करना और खान-पान की गलत आदतों के कारण यह समस्‍या कम उम्र की महिलाओं को भी परेशान कर रही है।

जोड़ों में दर्द की समस्या हो जाने पर पूरी लाइफस्टाइल अस्त-व्यस्त हो जाती है। यहां तक कि महिलाएं अपना डेली का काम भी ठीक से नहीं कर पाती हैं।

समस्‍या से परेशान महिला दर्द से बचने के लिए तरह-तरह के उपाय अपनाती है। लेकिन कई बार कोई भी उपाय कारगर नहीं होता है। ऐसे में आधुनिक चिकित्‍सा आपको जोड़ों को बदलने की सलाह देते है।

लेकिन आज हम आपको ऐसा जादुई नुस्‍खा बताएंगे जिसके चलते आपको जोड़ों को बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आइए जानें कौन सा है ये जादुई नुस्‍खा।

बबूल के फायदे

बबूल को भारत में कीकर के नाम से भी जाना जाता है। इस पेड़ की मुलायम टहनियों को घरों में दातुन बना कर भी प्रयोग किया जाता है। बबूल को महिलाएं दांतों के लिए अच्‍छा मानती हैं। बबूल से ना केवल दांत ही हेल्‍दी रहते हैं बल्कि कई तरह की बीमारियों में भी यह फायदेमंद होती है।

बबूल कफ-पित्त नाशक होता है। इसकी फलियां कच्ची और लाभकारी होती हैं। जी हां बबूल की फली दांतों के साथ-साथ आपके जोड़ों के लिए अच्‍छी होती हैं। अत: कच्ची फलियों को तोड़कर छाया में सुखाकर किसी डिब्बे में बंद कर सुरक्षित रखा जा सकता है।

इसे आप एक साल तक रख सकती हैं। इस हर्ब की भौतिक गुणों में संभावित एंटी-माइक्रोबिल और एंटी-ऑक्‍सीडेंट गुण होते हैं जो दर्द से राहत देते हैं।

बबूल का कैसे करें इस्‍तेमाल?

बबूल के पेड़ की फली को लेकर उसे अच्‍छी तरह से सूखा लें।

सूखने के बाद इसका पाउडर बना लें। फिर इसमें उतनी ही मात्रा में मेथी दाने का पाउडर बना लें।

अब दोनों चीजों को आपस में अच्छी तरह मिला लें।

इस पाउडर को सुबह- शाम लगभग 1 चम्मच गुनगुने पानी खाएं। 2-3 महीने लगातार लेने से आपका जोड़ों के र्द दूर सकते हैं।

इस हर्ब के कोई ज्ञात साइड इफेक्‍ट नहीं हैं लेकिन कब्ज के दौरान इस हर्ब को खाने से बचना अच्छा रहता है।

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