क्या आप जानते है ऐसा देश जहाँ 25 दिसंबर को क्रिसमस नहीं मनाया जाता है , जाने

अर्मेनिया एपोस्टोलिक चर्च ईसा मसीहा का जन्मदिन 6 जनवरी को मनाता है तो वहीं रशियन ऑर्थोडॉक्स चर्च 7 जनवरी को ये त्योहार मनाता है.

क्या आप जानते है ऐसा देश जहाँ 25 दिसंबर को क्रिसमस नहीं मनाया जाता है , जाने

क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसा देश भी है जहां 25 दिसंबर को क्रिसमस नहीं मनाया जाता. इस देश का नाम है अर्मेनिया. ये एशिया और यूरोप की सीमा पर बसा छोटा पर बेहद खूबसूरत देश है.

अर्मेनिया में क्रिसमस ईसा के धरती पर अवतरण पर मनाया जाता है. इसका मतलब है 6 और 7 जनवरी को. अर्मेनिया एपोस्टोलिक चर्च ईसा मसीहा का जन्मदिन 6 जनवरी को मनाता है तो वहीं रशियन ऑर्थोडॉक्स चर्च 7 जनवरी को यह त्योहार मनाता हैं.

अलग-अलग देशों के हिसाब से क्रिसमस मनाने के तरीके में भी कई बार अंतर देखा जाता है. अर्मेनियन चर्च ईसा के ‘बेथलेहम’ में पैदा होने और और उनके ‘जॉर्डन’ नदी में बैप्टाइज़ होने को सेलिब्रेट करते हैं.

कई जगहों पर गिफ्ट देने की परंपरा को उतनी तवज्जो नहीं दी जाती है. बल्कि वहां जुलूस निकाले जाते हैं. उसके बाद समुद्र, नदी या झील तक जाकर गढ्डा करके ‘ब्लेस द वॉटर’ नाम की रस्म पूरी करते हैं.

7 जनवरी और 25 दिसबंर को क्रिसमस मनाए जाने के पिछे एक और वजह भी है. 1752 में जब जूलियन कैलेंडर की जगह ग्रेगोरियन कैलेंडर को अपनाया गया तो उसमें 11 दिन कम कर दिए गए.

उस समय कई लोगों को यह अच्छा नहीं लगा और वो जूलियन कैलेंडर को ही मनाते रहे. ऐसे में ग्रेगोरियन कैलेंडर में जो तारीख 25 दिसंबर को थी अब वही तारीख जूलियन कैलेंडर में 7 जनवरी को हो गई. हालांकि 1923 में जूलियन कैलेंडर को अपडेट कर दिया गया था पर ज्यादातर ऑर्थोडॉक्स चर्च इसी तारीख को क्रिसमस मनाते हैं.

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