क्या हमारा सिर हिलाना लोगों को करता है कन्फ्यूज,तो कैसे जानें

सिर हिलाकर जवाब देने का यह बर्ताव हर भारतीय के डीएनए में है

हम भारतीय को ना और हां में उत्तर देना हो तो हम अक्सर गले को हिला के सामने वाले को बता देते है। कभी-कभी सामने वाला भी कन्फ्यूज हो जाता है। दर्जों में बंटे हमारे समाज में सिर हिलाकर संवाद, सबको खुश करने का तरीका माना जा सकता है,

लेकिन कई बार लोग इस तरीके से बात कहने पर भ्रमित और परेशान होते हैं। अक्सर गले के इशारे से हम बहुत सी बातें कह जाते हैं। जो न इनकार होती हैं और न ही इकरार।

भारतीयों का सिर हिलाना एक झटके वाला संकेत नहीं होता। कई बार लोग लंबे वक्त तक दाएं-बाएं सिर हिलाते रहते हैं। समझ ही नहीं आता कि वो क्या कह रहे हैं। सहमति है या इनकार है।

इसी का हल निकालते हुए ब्रिटिश मूल के अमेरिकी लेखक मार्गोट बिट ने एक किताब लिखी थी, जो भारत आने वाले विदेशी सैलानियों के लिए मार्गदर्शक का काम करती है।

कई भाषायी विशेषज्ञों ने माना है कि सिर हिलाकर जवाब देने का यह बर्ताव हर भारतीय के डीएनए में है। पीढ़ी-दर-पीढ़ी हमें विरासत में मिलता आया है।

जो कि विदेशी पर्यटकों के लिए बहुत बड़ी पहेली बन जाता है। ये हां या ना में सिर हिलाना ही नहीं होता। अक्सर गले के इशारे से हम बहुत सी बातें कह जाते हैं।

जो न इनकार होती हैं और न ही इकरार। टूरिस्ट जब दुकानदारों से खरीदारी कर रहे होते हैं, तो अक्सर वो सामने वाले के संकेत समझ ही नहीं पाते। कई बार तो हम भारतीय भी सिर हिलाने का मतलब नहीं समझ पाते।

इंटरनेट पर भारतीयों के इस सिर हिला कर संकेत देने की आदत पर तमाम पेज भरे पड़े हैं। इसके अलावा वीडियो भी हैं, जो भारत आने वाले सैलानियों की मदद के लिए नेट पर डाले गए हैं।

यू-ट्यूब पर सर्च करें, तो दर्जनों देसी-विदेशी विशेषज्ञ इस “इंडियन नॉडिंग” को विस्तार से समझाते दिख जाएंगे, हालांकि कोई भी इसे पूरी तरह से समझने या समझाने में अब तक नाकाम रहा है।

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