स्मार्ट पेरेंटिंग टिप्स से ऐसे करें बच्चों की परवरिश

बच्चों की परवरिश करना बहुत ही मुश्किल काम होता है।

खासकर उन कपल्स के लिए जो पहली बार पेरेंट्स बने हो। उनको समझ में नहीं आता को बच्चों की परवरिश किस तरह किए जाएं। आज हम आपको कुछ स्मार्ट पेरेंटिंग टिप्स बताएंगे जो आपके बच्चे को हमेशा ऊंच्चाई तक लेकर जाएंगे।

तो चलिए जानते हैं वह कौन से टिप्स हैं जो बच्चों को एक स्मार्ट और आत्मविश्वासी इंसान बना सकते हैं।

पेरेंटिंग टिप्स से ऐसे करें बच्चों की परवरिश एेसे में मां को बच्चों का काफी ख्याल रखना पड़ता है क्योंकि यदि उसने कोई एेसी चीज उठाकर मुंह में डाल ली जो खतरनाक और नुक्सानदायक हो सकती है। एेसे में बच्चे को सुरक्षित रखने के लिए हमेशा उन्हें ट्रेनिंग देती रहें। यह ना सोचें कि वह अभी छोटा है। इन बातों को समझ नहीं पाएगा।

1. बच्चों को दें सही दिशा

शुरूआत के तीन महीने तक बच्चे जो कुछ भी मिले उसे मुंह में डालते हैं। वह हर चीज को छूना चाहते हैं। एेसे में मां को बच्चों का काफी ख्याल रखना पड़ता है क्योंकि यदि उसने कोई एेसी चीज उठाकर मुंह में डाल ली जो खतरनाक और नुक्सानदायक हो सकती है। एेसे में बच्चे को सुरक्षित रखने के लिए हमेशा उन्हें ट्रेनिंग देती रहें। यह ना सोचें कि वह अभी छोटा है। इन बातों को समझ नहीं पाएगा।

2. बच्चों को बनाएं क्रिएटिव

बच्चों में सीखने और जानने की ललक बहुत होती है। उन्हें खिलौने, रंगीन चॉक, पैंसिल और कुछ आकृतियां इत्यादि बनाने के लिए क्ले या आटा दें। इससे उनका सकारात्मक विकास होगा तथा वे कुछ नया और क्रिएटिव बनाना सीखेंगे।

3. रात में बच्चों के साथ ही सोएं

पेरेंटिंग का अर्थ केवल बच्चों पर नजर रखना नहीं होता। उनमें बेहतर संस्कार पैदा करने के लिए रात में उनके साथ ही सोएं ताथ उस समय उन्हें कोई कहानी सुनाएं, गीत गाएं या लोरी सुनाएं, जिससे उनका मन शांत और प्रसन्न हो।

4. अनुशासन का पालन करना सिखाएं

बच्चों को अनुशाति रखने के लिए माता-पिता को स्वयं अनुशासन में रहना होगा क्योंकि बच्चे बड़ों से ही सीखते हैं। एेसे में उनके सामने एक आदर्श स्थापित करें। उनके साथ खेलने, साथ में पूजा-अर्चना करने, भोजन करने से वे अनुशासन का महत्व सीखेंगे। उन्हें बड़ों और छोटों से व्यवहार करने का सलीका बताएं।

5. प्यार से हर बात समझाएं

बच्चों की भावनाओं को समझें और उन्हें अनुशान या व्यवहार सिखाते समय हमेशा प्यार से समझाएं। उन्हें यह बताने की कोशिश करें कि यदि आप एेसा करेंगे तो बड़ों को अच्छा लगेगा। मम्मी-पापा को अच्छा लगेगा। मगर इस बात का ध्यान रखें कि डांट-फटकार या मार से बच्चे नहीं सीखते।

6.उनके काम की प्रशंसा करें

बच्चों को प्यार के साथ आपकी प्रशंसा की भी इच्छा रहता है। वह भले ही अपना होमवर्क करें, ड्राइंग करें या फिर कोई भी अच्छा काम करे तो उसे गुड या वैल्डन कह कर उसकी प्रशंसा करें। एेसे वक्त में बच्चों को गिफ्ट दे कर भी अच्छे काम करने पढ़ने और बेहतर इंसान बनने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।

7. कभी भेदभाव ना करें

यदि आपके दो या दो से ज्यादा बच्चे हैं तो सभी को एक समान प्यार दें। एक समान देखभाल करें और सभी के लिए एक जैसा व्यवहार करें। चाहे लड़का हो या लड़की सभी को एक समान प्यार करें तथा बच्चे के सामने किसी दूसरे से उसकी तुलना करें।

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