डोमेनिका कोर्ट ने भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी की जमानत अर्जी की खारिज

चोकसी ने डोमेनिका में अवैध घुसपैठ के आरोपों को पूरी तरह नकार दिया

नई दिल्ली:डोमेनिका कोर्ट ने 14 हजार करोड़ के बैंक घोटालेबाज़ और भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी की जमानत अर्जी खारिज कर दी. मजिस्ट्रेट के सामने पेशी के दौरान चोकसी ने डोमेनिका में अवैध घुसपैठ के आरोपों को पूरी तरह नकार दिया. अब इस मामले में अगली सुनवाई 14 जून को होगी.

चोकसी व्हीलचेयर पर बैठकर मजिस्ट्रेट के सामने पहुंचा था. प्रत्यार्पण करने के मामले में आज डोमिनिका की हाई कोर्ट में फिर सुनवाई होगी. कोर्ट मेहुल के भारत प्रत्यर्पण का फैसला सुना सकता है.

मेरा अपहरण कर जबरन ले जाया गया- चोकसी

डोमिनिका की हाई कोर्ट की न्यायाधीश बर्नी स्टीफेंसन ने चोकसी की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर करीब तीन घंटे तक सुनवाई करने के बाद उसे मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किए जाने का आदेश जारी किया था. चोकसी ने दावा किया था कि उसे एंटीगुआ एंड बारबुडा से अपहरण कर जबरन कैरीबियाई द्वीप देश में लाया गया.

चोकसी अवैध रूप से देश में घुसा- अभियोजन पक्ष

चोकसी की दलीलें खारिज करते हुए हाई कोर्ट में अभियोजन पक्ष ने कहा कि बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका टिकती ही नहीं है, क्योंकि आरोपी अवैध रूप से देश में घुसा और उसे बाद में उसे हिरासत में ले लिया गया. जबकि चोकसी के वकील ने आरोप लगाया कि उनके मुवक्किल को एंटीगुआ के जॉली हार्बर से अगवा किया गया और उसे करीब 100 नॉटिकल मील दूर एक नौका से डोमिनिका ले जाया गया.

मेहुल चौकसी अवैध हिरासत में है- वकील

चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने कहा, ”हमारा मानना है कि मेहुल चौकसी अवैध हिरासत में है, क्योंकि उसे 72 घंटे के अंदर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाना था, जबकि ऐसा नहीं किया गया, इससे उनके रुख की पुष्टि हुई है. इसके उपचार के तहत उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने को कहा गया है. इससे मेहुल चोकसी की अवैध हिरासत की पुष्टि होती है जैसा कि बचाव पक्ष की दलील है.”

उन्होंने कहा, ”जिस विषय की सुनवाई की जा रही है, वह बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका है, न कि भारत में उसे प्रत्यर्पित करने का विषय. उसकी नागरिकता का विषय अदालत के सामने नहीं है. मीडिया की विभिन्न खबरों के विपरीत भारत सरकार के बारे में कोई चर्चा ही नहीं हुई.”

पुलिस हिरासत में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा चोकसी- वकील

चोकसी के वकील ने कहा कि उनका मुवक्किल पुलिस हिरासत में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा और उसे एंटीगुआ एंड बारबुडा वापस भेज दिया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि वह अपनी सुरक्षा के लिए भुगतान करेगा. चोकसी के वकीलों ने अपने मुवक्किल के शरीर पर चोट के निशान और उसे अस्पताल में भर्ती कराने का मुद्दा भी उठाया. प्रतिकूल आदेश की स्थिति में चोकसी के पास ऊपरी अदालत में अपील करने का विकल्प होगा.

चोकसी को भारत लाने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के एक उपमहानिरीक्षक के नेतृत्व में विभिन्न एजेंसियों के अधिकारियों की एक टीम डोमिनिका गई है.

23 मई को डोमिनिका में गिरफ्तार हुआ था चोकसी

बता दें कि चोकसी 23 मई को एंटीगुआ से रहस्यमय तरीके से लापता हो गया था, जहां वह 2018 से एक नागरिक के रूप में रह रहा था. उसे पड़ोसी डोमिनिका में अवैध रूप से प्रवेश करने पर हिरासत में लिया गया था. वह अपनी गर्लफ्रेंड के साथ संभवत: कथित रोमांटिक तरीके से भागा था. उसकी गर्लफ्रेंड को लेकर बड़ी अफवाह है.

हालांकि चौकसी की पत्नी प्रीति ने कहा कि जिस महिला की चर्चा की जा रही है, वह उसकी (उनके पति की) गर्लफ्रेंड नहीं है. प्रीति के अनुसार महिला चोकसी की परिचित थी और वह उसके साथ घूमने जाती थी. उन्होंने कहा कि चोकसी को भारतीय जैसे दिखने वाले लोगों एवं एंटीगुआई लोगों ने उस समय अगवा किया जब वह उस महिला से मिलने गए थे.

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