उड़ने से पहले ही मुश्किलों में फंसी घरेलू उड़ान सेवा

चकरभाठा हवाई पट्टी के ओएलएस का टेंडर निरस्त, कंपनियों ने नहीं दिखाई रुचि

रायपुर/बिलासपुर । प्रदेश में जल्द शुरू होने जा रही घरेलू उड़ान सेवा शुरू होने से पहले ही मुश्किल में पड़ती नजर आ रही है.बता दें कि प्रदेश में चकरभाठा हवाई पट्टी से नियमित विमान सेवा प्रारंभ करने की तैयारी की जा रही है. हालांकि जिन शहरों से घरेलू विमान सेवा शुरू की जानी हैं उनमें अंबिकापुर, जगदलपुर और रायगढ़ के नाम भी शामिल हैं.

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ब्रितानी शासन काल में तैयार की गई चकरभाठा हवाईपट्टी में फिलहाल मध्यम श्रेणी के विमानों को लैंडिंग करने की सुविधा है पर अब इसे यात्री विमान की लैंडिंग के अनुरूप तैयार किया जा रहा है.

जानकारी के अनुसार चकरभाठा हवाईपट्टी को घरेलू उड़ान सेवा के लिए तैयार करने के लिए ओएलएस सर्वे का पहला टेंडर निरस्त निर्माता कंपनियों द्वारा रुचि नहीं दिखाने के कारण निरस्त कर दिया गया है. इसके लिए लोक निर्माण विभाग ने दूसरी बार फिर टेंडर जारी किया है. ऐसे हालात में प्रदेश में जल्द ही घरेलू उड़ान सेवा शुरू करने की राज्य सरकार के फैसले में देरी हो सकती है.

तीन माह से लोक निर्माण विभाग की कवायद जारी

जानकारी के अनुसार चकरभाठा हवाई पट्टी के ओएलएस सर्वेक्षण करने के लिए केवल एक ही फर्म ने रुचि दिखाई. इसलिए लोक निर्माण विभाग ने यह टेंडर निरस्त कर सर्वे के लिए दोबारा टेंडर जारी किया है.

लोक निर्माण विभाग के एसडीओ जीआर जांगडेÞ ने बताया कि चकरभाठा हवाई पट्टी से नियमित विमान सेवा प्रारंभ करने की तैयारी की जा रही है. इसमें नागरिक उड्डयन मंत्रालय की तरफ से विमान सेवा प्रारंभ होने के पहले ओएलएस सर्वेक्षण करना अनिवार्य बताया है. इसके लिए लोक निर्माण विभाग ने तीन माह से कवायद कर रही है.

दिल्ली की एक फर्म ने किया था आवेदन

ओएलएस सर्वे के लिए पहला टेंडर लोक निर्माण विभाग से जारी किया गया था. टेंडर की समय सीमा समाप्त होने तक नई दिल्ली की एक फर्म ने सर्वे के लिए आवेदन किया गया. लोनिवि ने एक ही आवेदन आने पर यह टेंडर निरस्त कर दिया गया. लोनिवि ने पहले टेंडर को निरस्त करते हुए दोबारा टेंडर जारी किया गया है. इसमें टेंडर जमा करने की समय सीमा दस दिन निर्धारित की गई है.

सर्वे में खर्च होंगे 13.72 लाख

हवाई पट्टी का ओएलएस सर्वे करने का बजट 13 लाख 72 हजार रुपए निर्धारित किया गया है. टेंडर फाइनल होने के सर्वे का कार्य प्रारंभ होगा. चकरभाठा हवाईपट्टी निर्माण के लिए जिला खनिज न्यास संस्थान ने 6 करोड़ रुपए से अधिक की राशि हवाई पट्टी के उन्नयन करने स्वीकृत की है. इस राशि से ही हवाई पट्टी का कार्य कराया जा रहा है.

हाईकोर्ट ने राज्य शासन एवं नागरिक उड्यन मंत्रालय

से मांगा है जवाब

बता दें कि राज्य में विमान सेवा प्रारंभ करने के लिए याचिकाएं लगाई गई है. इस मामले में हाईकोर्ट ने राज्य शासन एवं नागरिक उड्यन मंत्रालय को नोटिस देकर जवाब तलब किया है.

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