डोनाल्ड ट्रंप की धमकी का नहीं पड़ा असर, पुल की ओर बढ़े शरणार्थी

शरणार्थियों के कूच करने के बाद तनाव बढ़ा

मैक्सिको की सीमा पर डटे मध्य अमेरिकी देश (होंडुरास, ग्वाटेमाला और अल सल्वाडोर) से आए हजारों शरणार्थियों की सेहत पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी का कोई असर नहीं पड़ा। अमेरिका की ओर जाने वाले पुल की ओर शरणार्थियों के कूच करने के बाद तनाव बढ़ गया।

अमेरिकी हेलीकॉप्टरों की निगरानी के बीच शरणार्थियों का समूह तिजुआना से करीब एक किलोमीटर दूर एल चैपरल पुल की ओर बढ़ रहा है।

सीमा पर बड़ी संख्या में पुलिस और सैनिक उन्हें रोकने के लिए तैनात हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें लौट जाने को लेकर एक बार फिर धमकाया है।

स्थानीय अधिकारियों और एक मानवाधिकार कार्यकर्ता ने शरणार्थियों को मैक्सिको में रहने और आधिकारिक तरीके से अमेरिका में शरण मांगने के फायदे समझाने का प्रयास किया, लेकिन शरणार्थियों ने कुछ भी सुनने से इनकार कर दिया।

तिजुआना में अधिकारियों ने कुशल कामगारों के लिए एक जॉब मेले का भी आयोजन किया और उन्हें रोकने की कोशिश की।

मैक्सिको की माइग्रेशन एजेंसी ने शरणार्थियों को अस्थायी निवास का प्रस्ताव भी दिया, लेकिन ये लोग कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हुए। विल्सन नाम के एक शरणार्थी ने कहा, ‘हम अमेरिका जाना चाहते हैं। हमें सीमा पार करने दीजिए। हम इसके लिए बेहद उत्साहित हैं। हम अपने परिवार को होंडुरास में छोड़कर आए हैं, हमें काम चाहिए।’

ट्रंप ने दी सीमा बंद करने की चेतावनी
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, ‘अगर हमें लगता है कि यह उस स्तर पर पहुंच रहा है, जहां हम नियंत्रण खो रहे हैं या जहां लोगों को नुकसान हो सकता है, तो हम नियंत्रण पाने तक कुछ समय के लिए पूरी सीमा बंद कर देंगे।’

शरणार्थियों को आगे से बढ़ने से रोकने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ने 6,000 से ज्यादा सैनिकों को तैनात किया है। साथ ही ट्रंप ने मैक्सिको को चेतावनी दी कि वह अमेरिका में अपनी कारें नहीं बेच सकेगा।

इस बीच, अवैध तरीके से अमेरिका की ओर बढ़ रहे शरणार्थियों को रोकने के ट्रंप प्रशासन के फैसले पर रोक लगाने के कोर्ट के आदेश पर ट्रंप ने पलटवार किया। अदालत पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि कोर्ट के इस फैसले से अमेरिका की सुरक्षा को खतरा पैदा होगा।

1
Back to top button