गंगा दशहरा के दिन इन चीजों का करें दान, मिलता है सबसे बड़ा पुण्य

गंगा दशहरा को ‘गंगा स्नान का दिन’ माना जाता है। कहते हैं इस दिन गंगा स्नान करने से बड़े से बड़े पाप भी धुल जाते हैं। पंचांग के अनुसार गंगा दशहरा 24 मई को है|

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गंगा दशहरा

गंगा दशहरा को गंगा स्नान का दिन माना जाता है। कहते हैं इस दिन गंगा स्नान करने से बड़े से बड़े पाप भी धुल जाते हैं। पंचांग के अनुसार गंगा दशहरा 24 मई को है| गंगा दशहरा पर दान करना विशेष फलदायी होता है। क्या करें इस दिन इसकी जानकारी आगे बता रहे हैं। लेकिन गंगा दशहरा मनाने का कारण बहुत कम ही लोग जानते हैं।

गंगा दशहरा का महत्व 2/11

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गंगा दशहरा का महत्व

दरअसल यह वही दिन है जब स्वर्ग से गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था। यह गंगा शिव जी की जटाओं के माध्यम से ही धरती पर आई थीं। इसलिए इस दिन भगवान शिव की पूजा का भी विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

जलाभिषेक भी होता है 3/11

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जलाभिषेक भी होता है

जो भी जातक इस दिन पूर्ण विधि अनुसार पूजा करे, भगवान शिव जी का मंत्र सहित जलाभिषेक करे, उसकी भगवान शिव हर इच्छा पूरी करते हैं। उसे जल्द ही अपने फल की प्राप्ति होती है।

2017 में दो दिनों का गंगा दशहरा 4/11

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2017 में दो दिनों का गंगा दशहरा

यदि आप भी यह मौका ना छोड़ते गंगा मां का एवं साथ ही भगवान शिव का आशीर्वाद पाना चाहते हैं, तो आगे की स्लाइड्स में जानिए आपको क्या-क्या करना है:

करें गंगा स्नान 5/11

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करें गंगा स्नान

जैसा कि हमने पहले ही बताया कि गंगा दशहरा पर गंगा स्नान का बेहद महत्व है। तो यदि आपको इस बार हरिद्वार जैसे पवित्र धाम पर जाकर, गंगा जी की डुबकी लगाने का मौका मिले तो जरूर जाएं।

किसी नदी मेंं कर सकते हैं स्नान 6/11

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किसी नदी मेंं कर सकते हैं स्नान

लेकिन यदि आप ना जा सकें, तो आप अपने समीप किसी भी नदी में स्नान कर सकते हैं। लेकिन यह स्नान रोजाना की तरह सामान्य नहीं होना चाहिए। यह स्नान शास्त्रीय नियमों को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए।

दान करें 7/11

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दान करें

गंगा स्नान के अलावा इस दिन दान कर्म भी जरूर करें। गंगा दशहरा का यह पावन दिन दान से मिलने वाले पुण्य से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि इस दिन दान करने से सबसे बड़े पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन कमाया हुआ पुण्य आने वाले सौ पुश्तों तक अपना असर दिखाता है।

व्रत कर सकते हैं 8/11

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व्रत कर सकते हैं।

गंगा दशहरा के दिन आमतौर से सत्तू, मटका और हाथ का पंखा दान करने का महत्व है। लेकिन यदि आप पूर्ण विधि-विधान से पुण्य प्राप्त करना चाहते हैं तो ‘श्रीविष्णु’ के नाम का व्रत करें।

भगवान विष्णु के नाम का व्रत 9/11

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भगवान विष्णु के नाम का व्रत

गंगा दशहरा के दिन भक्त भगवान विष्णु के नाम का व्रत करते हैं। इस दिन पूरा दिन अन्न ग्रहण नहीं किया जाता। कुछ लोग फलाहार लेते हैं, लेकिन कुछ लोग जल का भी त्याग कर देते हैं। किंतु यदि आप इतना कठोर व्रत ना भी कर सकें, तो फलाहार के साथ ही व्रत कर सकते हैं।

ये चीजें करें दान 10/11

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ये चीजें करें दान

व्रत में सभी नियमों का पालन करने के साथ व्रती को ग्यारस एकादशी की कथा भी सुननी चाहिए। इसके बाद ही जल का घट दान करके फिर जल पीकर अपना व्रत पूर्ण करना चाहिए।

हो जाएंगे पाप मुक्त 11/11

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हो जाएंगे पाप मुक्त

अंत में व्रती को केला, नारियल, अनार, सुपारी, खरबूजा, आम, जल भरी सुराई, हाथ का पंखा आदि चीजें दान कर देनी चाहिए। इस दिन किया हुआ दान व्रती द्वारा किए हुए पिछले 10 पापों का नाश कर, उसे पापमुक्त करता है।<>

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