डॉ. बसवराजु बोले-स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए अनुमति ले कर ही करें प्रचार

निर्धारित समय में प्रत्याशियों को देना होगा खर्च का ब्यौरा 

रायपुर :प्रत्याशियों के नाम वापसी और प्रतीक चिन्ह आबंटन के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी व कलेक्टर डॉ. बसवराजु एस, रायपुर लोकसभा क्षेत्र के दोनों सामान्य प्रेक्षक केशव कुमार पाठक व चन्द्रशेखर,

पुलिस प्रेक्षक रंजीत मिश्रा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरिफ शेख ने रायपुर लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशियों और उनके प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक कर आदर्श आचार संहिता के पालन और निर्वाचन व्यय के संबंध में जानकारी दी।

डॉ बसवराजु एस ने कहा कि चुनाव में प्रचार – प्रसार के लिए सभा, रैली, वाहन, जुलूस, विज्ञापन, पोस्टर, झंड़े, बैनर, पॉम्पलेट इत्यादि के लिए पहले से विधिवत अनुमति ले कर ही प्रचार करें अन्यथा आदर्श आचरण संहिता के उल्लंघन में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराई जाएगी।

जिला निर्वाचन कार्यालय परिसर स्थित रेड क्रॉस भवन के सभा कक्ष में आयोजित इस बैठक में तथा अपर कलेक्टर दीपक अग्रवाल सहित प्रत्याशी और उनके निर्वाचक अभिकर्ता उपस्थित थे। 

बैठक में सामान्य प्रेक्षक केशव कुमार पाठक ने कहा कि कोई भी नागरिक व प्रत्याशी या राजनैतिक दल उनसे तथा अन्य सभी प्रेक्षकों से सिविल लाईन्स स्थित न्यू सर्किट हॉऊस में प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से 12 बजे के बीच मिल कर चुनाव संबंधित शिकायत कर सकते हैं।

इसके अलावा भी प्रत्याशियों और राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को एक पावर र्पाइंट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से आदर्श आचरण संहिता और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के बारे में विस्तार से बताया गया।

बैठक में बताया गया कि चुनाव के दौरान हर खर्च के लिए प्रत्याशी को उसका पूरा हिसाब रखना होगा। निर्धारित अवधि में चुुनावी खर्च का हिसाब लेखा टीम के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। डॉ. बसवराजु एस. ने बताया कि प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार कार्य और उसके व्यय के संबंध में व्यय प्रेक्षक की टीम व्दारा पूरी निगरानी और जानकारी रखी जाती है।

इसके लिए नियमित रुप से वीडियो निगरानी दल व्दारा सभी कार्यक्रमों की विडियों रिकार्डिंग की जाती है। इस रिकार्डिंग के आधार पर एक छाया रजिस्टर में सारे खर्चों का हिसाब रखा जाता है।

जिसका मिलान प्रत्याशी व्दारा खर्चों का हिसाब दिए जाने पर मिलान किया जाता है। बैठक में बताया गया कि प्रचार के दौरान यदि 10 रुपए से अधिक का खर्च होता है तो उसका उल्लेख प्रत्याशी के व्यय रजिस्टर में होना चाहिए।

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